कासगंज के सोरों में पंचकोषीय परिक्रमा लगाते विहिप, भाजपा व एबीवीपी के कार्यकर्ता
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सोरों। सूकरक्षेत्र की पंचकोसीय परिक्रमा लगाने का सिलसिला मार्गशीर्ष एकादशी से निरंतर जारी है। मंगलवार को आरएसएस के प्रंात प्रचारक डॉ. हरीश के सानिध्य में संघ विहिप कार्यकर्ताओं ने हरि की पदी किनारे पर्यटक केंद्र से जय गंगे जय वराह के जयकारे लगाते हुए पंचकोसीय परिकमा प्रारंभ की। परिक्रमा से पूर्व गंगा स्नान करने के बाद सभी ने भगवान वराह के दर्शन किए।
प्रांत प्रचारक ने कहा कि सूकरक्षेत्र का विशिष्ट पौराणिक महत्व है। पृथ्वी का उत्पत्ति स्थल सूकरक्षेत्र पर भगवान श्रीहरि विष्णु ने अपना तीसरा रूप वराह के रूप में धारण किया। भगवान श्रीहरि ने पृथ्वी को रसातल में ले जा रहे हिरण्याक्ष राक्षस का वध किया और पृथ्वी को रसातल से निकालकर यहां स्थापित किया था। पंचकोसीय परिक्रमा में स्वयंसेवक घंटे घड़ियाल बजाते हुए हर-हर, बम-बम के जयकारे लगाते शामिल रहे।
पंचकोसीय परिकमा योगेश्वर मंदिर, सूर्यकुंड, मोतियाथल, बटुकनाथ, चंद्रकूप होती हुई नगला सेढू़ पहुंची। जहां ंयात्रा का पड़ाव हुआ। इसके बाद रामछितौनी मंदिर, सीता रसोई, सिंगल वाले बाबा, बूढ़ी गंगा, भागीरथी गुफा होती हुई यात्रा महाप्रभु की बैठक पहुंची। जहां से हरिपदी की परिक्रमा करते हुए स्वयंसेवक पर्यटक केंद्र पहुंचे। इस दौरान विभाग संचालक उमाशंकर शर्मा, विभाग कार्यवाह सौरभ, विभाग प्रचारक अरुण पांचजन्य के अलावा एटा कासगंज के भाजपा विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, संघ, विहिप, एबीवीपी, बजरंग दल, विद्याभारती एवं भाजपा के कार्यकर्ता शामिल हुए।