कासगंज सोरों में मार्गशीर्ष मेले का नजारा
- फोटो : KASGANJ
सोरों। तीर्थनगरी शाम होते ही आकर्षण का केंद्र बन जाती है। लाइटों की साज सज्जा सतरंगी दिखाई देती है। हरिपदी का घाट भी रंग बिरंगी लाइटों से झिलमिल हो उठता है। इन दिनों मेले में दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी रौनक बढ़ रही है। श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने से तुलसीनगरी पूरी तरह गुलजार है। मेले में पहुंचने वाले लोग वस्तुओं की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। मेला ग्राउंड में बना अप्पूघर बच्चों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
कस्बे में हर साल मार्गशीर्ष माह में मेले का आयोजन होता है। यह आयोजन बड़े स्तर पर किया जाता है। इस साल 6 दिसंबर को मेले का शुभारंभ हुआ फिर स्नान पर्व शुरू हो गए और सोरों की रंगत बढ़ गई। मंगलवार को मेले का लुत्फ उठाने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मेले में चार चांद लगाए। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए। मेला परिसर में बनी अस्थायी कोतवाली से पुलिसकर्मियों की बिंदुवार ड्यूटी लगाई गई।
मेले में सबसे अधिक खजला और नारंगी की बिक्री हो रही है। इसके अलावा अप्पूघर बच्चों को लुभा रहा है। अप्पूघर में बच्चे जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। झूले, सर्कस के जरिए भी लोगों ने मनोरंजन किया। इस तरह सोरों में रौनक बढ़ रही है। लोग मेला देखने के लिए उत्साहित हैं।
कल होगा गंगा स्नान
सोरों। गुरुवार को पूर्णिमा पर्व है। इस पर्व पर मार्गशीर्ष माह में स्नान का महत्व है। पूर्णिमा पर्व पर दूर दराज से श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए तीर्थनगरी सोरों में पहुंचेंगे। स्नान पर्व को लेकर पालिका और पुलिस ने तैयारियां की हैं।
सजे धजे हैं देवालय
सोरों। तीर्थनगरी के देवालय भी सजे धजे हैं। देवालयों में आकर्षक साज सज्जा की गई है। मेले में पहुंच रहे लोग आस्था में डूबे हुए हैं। देवालयों में पहुंचकर लोग देव दर्शन कर परिवार की सुख समृद्धि के लिए ईश्वर से कामना कर रहे हैं।
फोटो प्रेषित है