नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने उत्तरी बाईपास को शुरू कर दिया है। दोपहर में हाईवे से बैरिकेडिंग हटाते ही वाहन फर्राटा भरने लगे। उत्तरी बाईपास शुरू होने से आगरा और मथुरा से खंदौली का सफर 20 मिनट में पूरा हो जाएगा। अब लोगों को 25 किलोमीटर की दूरी कम तय करनी पड़ेगी। इससे जाम से भी राहत मिलेगी।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक संदीप यादव ने बताया कि मथुरा के रैपुरा जाट से खंदौली के बीच 14 किमी का उत्तरी बाईपास बना है। इसे आगरा-दिल्ली हाईवे के चैनल नंबर 174 से यमुना एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 141 से जोड़ा गया है। अब आगरा-मथुरा के लोग 20 मिनट में खंदौली पहुंच सकेंगे। ईंधन, समय की बचत के साथ जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
अभी तक लोगों को सिकंदरा, भगवान टॉकीज, वाटरवर्क्स और रामबाग से होकर खंदौली जाना पड़ता था। इसमें लोगों को 45 किमी की दूरी तय करनी पड़ती थी। घंटे भर से अधिक समय भी लगता था। लोगों को सिकंदरा, गुरुद्वारा गुरु का ताल, रामबाग और टेढ़ी बगिया पर जाम भी झेलना पड़ता था। उत्तरी बाईपास शुरू होने से लोगों को मथुरा-फरह से खदौली-सादाबाद जाने के लिए आगरा से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।
हाईटेंशन लाइन से 7 महीने देर से शुरू हुआ हाईवे
उत्तरी बाईपास को 31 मई से शुरू होना था। पौरी और कौनिया गांव के पास हाईटेंशन लाइन थी, जो हाईवे को पार कर जा रही थी। इसकी ऊंचाई कम थी, जिससे वाहनों के संपर्क में आने का खतरा था। इसको शिफ्ट कराते हुए ऊंचा किया है। इसके चलते 7 महीने देरी से हाईवे शुरू हुआ।
रूट डायवर्जन की भी नहीं पड़ेगी जरूरत
आगरा में धार्मिक एवं राजनीतिक आयोजन होने पर रूट डायवर्जन करना पड़ता है। कैलाश मेला, गुरुपर्व और मंडी समिति में चुनाव मतगणना के समय आगरा से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाता था। उत्तर बाईपास बनने से ये समस्या भी खत्म हो जाएगी।
मिली बड़ी राहत
उत्तरी बाईपास शुरू होने से आगरा-मथुरा के लोगों को बड़ी राहत मिली है। इससे मथुरा से राया जाने वाले रोड पर वाहनों का दबाव कम होगा। फिरोजाबाद, कानपुर, प्रयागराज जाने वाले को भी सुविधा मिलेगी।
-संजय गोयल, अध्यक्ष, नेशनल चैंबर
जाम से छुटकारा
खंदौली जाने के लिए रामबाग, टेढ़ी बगिया पर जाम से गुजरना पड़ता है। हमारा गांव भी खंदौली में है, इससे आना जाना लगता रहता है। उत्तरी बाईपास से समय और धन की भी बचत होगी। सफर भी आसान होगा।
-डाॅ. कैलाश चंद सारस्वत, आवास विकास कॉलोनी
खराब सड़कों से होगा बचाव
खंदौली क्षेत्र में ही गांव और खेतीबाड़ी भी है। सप्ताह में दो-तीन दिन जाते हैं। रामबाग होकर जाने में समय लगता है। सड़क भी खराब है, इससे परेशानी भी होती है। उत्तरी बाईपास से अब कुछ ही मिनटोंं में खंदौली पहुंच जाएंगे।
-सौरभ चौधरी, दयालबाग