ओवरलोड वाहन अब टोल प्लाजा पर ही पकड़ लिए जाएंगे। आगरा-अलीगढ़ स्थित टोल प्लाजा पर क्षमता से अधिक वजन लदा होने पर वाहन चालक से निर्धारित शुल्क का 10 गुना ज्यादा जुर्माना वसूला जा रहा है। अब जल्द ही इटावा और फरह टोल प्लाजा पर भी ओवरलोड वाहनों से जुर्माना वसूला जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सभी टोल को अपग्रेड कर रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने ओवरलोडेड वाहनों (ट्रक, ट्रोला, मेटाडोर आदि) से सड़कों को हो रहे नुकसान को कम करने के लिए अब टोल प्लाजा के अपग्रेडगेशन का काम शुरू करवा दिया है। सबसे पहले आगरा-अलीगढ़ हाईवे के टोल पर वे-ब्रिज लगा दिया गया है। वे ब्रिज मशीन किसी भी गाड़ी के टोल प्लाजा के बैरियर पर पहुंचते ही उसका वजन ले लेगी। हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि अलीगढ़-आगरा रोड पर ओवरलोडेड वाहनों से जुर्माना वसूलने का काम शुरू कर दिया गया है। जुर्माना निर्धारित शुल्क का 10 गुना वसूला जा रहा है। इतना ही नहीं टोल प्लाजा के कर्मचारी ओवरलोड वाहन को तब तक पास नहीं करेंगे, जब तक कि चालक अतिरिक्त वजन को कम नहीं करेगा।
अलीगढ़-आगरा रोड के बाद अब इटावा-आगरा रोड पर स्थित टोल प्लाजा पर वे ब्रिज लगाने का काम चल रहा है। एनएचएआई के परियोजना मैनेजर एसबी सिंह ने बताया कि जल्द ही फरह टोल समेत सभी टोल प्लाजा को अपग्रेड किया जाएगा। इसके बाद ओवरलोड वाहनों से जुर्माना वसूली का काम शुरू हो जाएगा।
अधिकारियों को भेजा जा रहा पत्र
हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि सड़कों पर ओवरलोड वाहनों पर जुर्माना यदा-कदा ही लगाया जाता है। यही कारण है कि टोल से गुजरने वाले ज्यादातर व्यावसायिक वाहनों पर ओवरलोड पाया जाता है। इसके बाद भी आरटीओ के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। ओवरलोडेड वाहनों की सूची को भी संबंधित विभागों और जिलाधिकारी को भेजा जाता है, ताकि ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके, लेकिन अभी तक तो कार्रवाई नहीं हुई है।
ओवरलोड वाहनों से क्षति
क्षमता से अधिक वजन ढोकर ले जाने वाले वाहनों से सड़क जल्दी खराब होती है, टूट-फूट होती है।
ओवरलोडेड वाहनों से ही अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।