बुखार, शरीर में दर्द यानि ज्यादा
ब्लड बैंक की स्टडी में पाया कि जिन लोगों को वैक्सीन लगने के बाद दो से तीन दिन तक हल्का बुखार, शरीर में दर्द की परेशानी रही, उनमें एंटीबॉडी सबसे ज्यादा पाई गईं।
बीमार लोगों में सबसे कम मिलीं
दमा, सांस समेत अन्य बीमारी से जूझ रहे लोगों में एंटीबॉडी सबसे कम बनीं। पूछताछ में पाया कि जिन लोगों में दवा के तौर पर एस्टरॉयड चल रहा है, उनमें एक से 10 यूनिट/मिलीलीटर तक ही एंटीबॉडी बनी।
रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित करती है एंटीबॉडी
एसएन मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि एंटीबॉडी प्रोटीन से बनी होती हैं। यह शरीर में प्राकृतिक रूप से और वैक्सीन के जरिए तैयार होती हैं और शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित करती हैं। एंटीबॉडी वायरस-बैक्टीरिया को नष्ट या फिर उसके प्रभाव को कम कर देती हैं।