शहर के तीन लाख से ज्यादा लोग धूल के गुबार के कारण बेहाल हैं। शहर के चारों कोनों पर सीवर और पानी की पाइपलाइन के लिए खोदाई के बाद सड़कों पर मिट्टी छोड़ दी गई है। इससे धूल उड़ने के कारण सांस लेना दूभर हो गया है। जीवनी मंडी, यमुना किनारा रोड, लोहामंडी, पश्चिमपुरी, शास्त्रीपुरम, फतेहाबाद रोड, बोदला रोड, अवधपुरी, कमला नगर क्षेत्र में पानी और सीवर लाइन की खोदाई में धूल नियंत्रण के उपाय नहीं किए गए, जबकि कमिश्नर ने एफआईआर और जुर्माने की चेतावनी दी थी। पांच दिन की समय सीमा ठेकेदारों को छिड़काव, मिट्टी के ढेर हटाने और धूल नियंत्रण के उपाय अपनाने के लिए दी गई थी, यह शुक्रवार को खत्म हो रही है। अमर उजाला ने इन इलाकों का जायजा लिया।
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लोहामंडी-बोदला रोड
खोदाई के बाद मिट्टी के ढेर तो हटा दिए, लेकिन हरा पर्दा और पानी का छिड़काव न होने से सड़क पर वाहन चलने पर धूल के गुबार उठ रहे हैं।
जीवनी मंडी
पानी की 1200 मिमी पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क निर्माण नहीं किया गया। तीन महीने से धूल उड़ रही है। क्षेत्रीय लोगों ने एक दिन भी छिड़काव के लिए पानी का टैंकर नहीं देखा।
यमुना किनारा रोड
आंबेडकर पुल से चौराहे तक एक लेन की खोदाई जारी है, पर मिट्टी के ढेर पर हरा पर्दा और बेरीकेडिंग नहीं की गई। जहां लाइन बिछ चुकी, वहां पानी नहीं छिड़का गया।
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फतेहाबाद रोड
स्मार्ट सिटी ने यूटिलिटी डक्ट, पानी, सीवर की लाइनें बिछाई हैं, पर टैंकर नजर नहीं आए। इस महीने एक बार भी लोगों ने पानी का छिड़काव नहीं देखा।
धूल उड़ती मिली तो आज से कार्रवाई
मैने पांच दिन का समय धूल नियंत्रण के लिए दिया था। यह समय सीमा शुक्रवार को खत्म हो रही है। अब अगर कहीं धूल उड़ती दिखेगी तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ जुर्माना और एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। -निखिल टी फुंडे, नगर आयुक्त
प्रदेश में 5 वां प्रदूषित शहर रहा आगरा
गुरुवार को आगरा प्रदेश का पांचवां प्रदूषित शहर रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सूची के मुताबिक आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 321 दर्ज किया गया। इस सप्ताह हवा तेज चलने के कारण धूल उड़ने से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। बेहद सूक्ष्म कण पीएम 2.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की मात्रा सामान्य से 6 गुना रही। पीएम कणों की अधिकतम मात्रा 380 तक बृहस्पतिवार को रही। दिल्ली से ज्यादा प्रदूषण आगरा में रहा।
समाधान:47.15 करोड़ रुपये खर्च करके धूल, प्रदूषण को थामेगा नगर निगम
शहर में धूल और प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम इस साल 47.15 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसमें सड़कों के निर्माण से लेकर साइड पटरी पर इंटरलॉकिंग टाइल्स का निर्माण, मलका चबूतरा शाहगंज श्मशान घाट पर विद्युत शवदाह गृह तैयार करने समेत कई योजनाओं पर यह रकम खर्च की जाएगी।
नगर निगम ने बृहस्पतिवार को 15 वें वित्त आयोग से मिली धनराशि को खर्च करने की योजना तैयार करके वेबसाइट पर अपलोड कर दी। 15 वें वित्त आयोग की पहली किस्त में मिली 47.15 करोड़ रुपये की रकम से नगर निगम प्रदूषण नियंत्रण पर ही खर्च करेगा। इसमें नाला निर्माण समेत अन्य काम नहीं किए जा सकेंगे। गाइड लाइन के मुताबिक योजनाएं तैयार करके भेजी गई हैं।
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे के मुताबिक अब कौन सी प्रमुख सड़कों, फुटपाथ का निर्माण कराया जाएगा, इसका फैसला कमेटी करेगी। पहली बार शहर में वर्टिकल गार्डन बनाने की योजना है। इसी तरह से नगर निगम पहली बार शहर में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने जा रहा है।
मलका चबूतरा श्मशान घाट, मल्टीस्टोरी पार्किंग, सड़क, फुटपाथ, वर्टिकल गार्डन के प्रस्ताव तैयार कर भेजे इन कामों पर होगा खर्च कार्य रकम
-सड़कों की मरम्मत, गड्ढे भरने के लिए री-कारपेटिंग 8.50 करोड़ रुपये