रेशम के धागे से ईसा मसीह की तस्वीर बनाते मोहम्मद शान
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हाथ में सुई और रेशम का धागा। आगरा के मोहम्मद शान और उनके भाई बिलाल ने बचपन में वालिद के हाथों में जब इनसे कपड़े पर कढ़ाई कर तस्वीर बनाते देखा तो कौतूहल जागा कि रंग, ब्रश के अलावा कैसे ऐसी बोलती तस्वीर बना सकते हैं।
वालिद ने जब हाथ में सुई और रेशम थमाया तो उन्हीं की तरह करने की कोशिश शुरू की। हर शब्द पर अमल किया। पद्मश्री और शिल्प गुरु से सम्मानित फजल मोहम्मद के इंतकाल के बाद अब रेशमदोजी-जरदोजी को उन्हीं के बेटे आगे बढ़ा रहे हैं।
मोहम्मद शान भी लोहामंडी, बेसनबस्ती के उसी कमरे में बैठकर रेशमदोजी से ईसा मसीह की वैसी ही तस्वीर बना रहे हैं, जहां उनके गुरु फजल मोहम्मद ने तैयार की थी। खाड़ी देशों में उनकी बनाई रेशमदोजी की तस्वीरों की मांग ज्यादा है।