मैनपुरी। जिले से जालौन भेजी गई यूरिया पकड़े जाने के बाद कृषि विभाग ने जांच शुरू कर दी है। थोक विक्रेताओं से एक-एक बोरी का पूरा हिसाब लिया जा रहा है। जल्द ही पूरा मामला खुलकर सामने आ जाएगा। मामले की जांच शुरू होने के बाद उर्वरक विक्रेताओं में भी खलबली मच गई है।
जालौन में मैनपुरी से आरके इंटरप्राइजेज स्टेशन रोड द्वारा 608 बोरी यूरिया भेजी गई थी। सूचना पर जिला कृषि अधिकारी ने फर्म पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद अब मामले की जांच शुरू कर दी है। कृषि विभाग ये जांच कर रहा है कि आखिर किस थोक विक्रेता से इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया ली गई थी। इसके लिए सभी थोक विक्रेताओं से फुटकर विक्रेताओं को दी गई यूरिया का डाटा लिया जा रहा है। इसके बाद फुटकर विक्रेताओं से भी बिक्री का मिलान किया जा रहा है। पूरे मामले को लेकर कृषि विभाग पर शासन का भी दबाव है, ऐसे में विभाग जल्द से जल्द इस पूरे मामले को सुलझाना चाहता है। शुक्रवार को कृषि विभाग के कर्मचारी जानकारी जुटाने में लगे रहे।
इन फर्मों को मिली थी यूरिया
जिले में पांच दिन पहले आई 37 हजार 216 बोरी यूरिया में से सात थोक विक्रेताओं को आपूर्ति की गई थी। इसमें गणेश खाद भंडार को 22416 बोरी, अग्रवाल ट्रेडिंग कंपनी को 3600 बोरी, शैलेंद्र एंड ब्रदर्स को 3900 बोरी, राजाराम वर्मा को 4850 बोरी, रामनाथ वर्मा को 4850 बोरी, एमएससीएन फर्म को 700 बोरी और अधर सिंह चौहान को 550 बोरी की आपूर्ति की गई थी।
वर्जन
जिलाधिकारी के आदेश पर मामले में आरके इंटरप्राइजेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। आगे भी जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी मैनपुरी।