एडीएम प्रोटोकॉल के निर्देश पर भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने साधुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं कराईं। इसके बाद सिविल सोसाइटी ने सभी साधुओं का टिकट खरीदा। उन्हें स्मारक में प्रवेश मिला।
स्वामी नारायण संस्था के 110 साधुओं के बृहस्पतिवार को ताजमहल में नि:शुल्क प्रवेश को लेकर हंगामा हुआ। साधुओं के प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम प्रोटोकॉल के निर्देशों का हवाला देकर नि:शुल्क प्रवेश की मांग की। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने बिना टिकट प्रवेश नहीं दिया। इसके बाद टिकट लेकर साधुओं ने स्मारक का भ्रमण किया।
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स्वामी नारायण संस्था से जुड़े साधुओं की टोली 11 से 16 अक्तूबर तक विभिन्न धर्मस्थलों के भ्रमण पर निकले हैं। बृहस्पतिवार को ताजमहल आए। इसकी पूर्व सूचना एडीए प्रशासन को दी गई। एडीएम प्रशासन ने अधीक्षण पुरातत्वविद को आवश्यक व्यवस्थाएं करने, पुलिस को सुरक्षा व तहसीलदार को वीआईपी सहायक तैनाती के निर्देश दिए। साधुओं का दल जब ताजमहल पहुंचा तो उन्हें बिना टिकट प्रवेश से रोका गया।
साधुओं ने आपत्ति जताई और हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद सिविल सोसाइटी ने सभी साधुओं का टिकट खरीदा। उन्हें स्मारक में प्रवेश मिला। उधर, सेंट्रल टैंक पर साधु हाथ जोड़ते हुए फोटो कराना चाहते थे। उन्हें सीआईएसएफ कर्मियों ने मना कर दिया। इस संबंध में संरक्षण सहायक ताजमहल प्रिंस बाजपेयी का कहना है पर्यटक की तरह साधु आए थे। टिकट लेकर स्मारक का भ्रमण किया। किसी तरह का कोई हंगामा या विवाद नहीं हुआ है।