पुलिस आरक्षी भर्ती के लिए अभिलेखों की संवीक्षा एवं शारीरिक मानक परीक्षण (डीवीपीएसटी) में बायोमैट्रिक मिलान नहीं होने पर एक अभ्यर्थी गौरव शर्मा को पकड़ लिया गया। वह अलीगढ़ का रहने वाला है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि उसने सात लाख रुपये में लिखित परीक्षा और डीवीपीएसटी में पास कराने का ठेका दिया था। पुलिस ने पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सीओ कोतवाली दीक्षा सिंह ने बताया कि पुलिस आरक्षी भर्ती वर्ष (2018) के लिए अभिलेखों की संवीक्षा एवं शारीरिक मानक परीक्षण (डीवीपीएसटी) की प्रक्रिया 12 मार्च से पुलिस लाइन मैदान में चल रही है। इसमें अभ्यर्थियों को चयन जेल वार्डन, घुड़सवार पुलिस और फायरमैन के पद पर होना है। सोमवार को अलीगढ़ के टप्पल स्थित गांव जट्टारी निवासी गौरव शर्मा पुत्र ऋषिपाल शर्मा आया था। गौरव की लिखित परीक्षा 19 दिसंबर 2020 को प्रयागराज के बाल विकास इंटर कालेज में हुई थी।
डीवीपीएसटी में आने वाले अभ्यर्थियों के चेहरे और अंगूठे का मिलान कंपनी मैरीट्रेक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी कर रहे हैं। गौरव का बायोमैट्रिक मिलान नहीं हुआ। उसके लिखित परीक्षा में अपने स्थान पर साल्वर बैठाने की आशंका थी। इसपर उसे नाई की मंडी पुलिस के हवाले कर दिया।
अभ्यर्थी गौरव ने पूछताछ में बताया कि अलीगढ़ के बलुवापुर निवासी धर्मेंद्र कौशिक ने लिखित परीक्षा और डीवीपीएसटी में पास कराने का ठेका सात लाख रुपये में लिया था। उसने मनीष नाम के साल्वर से लिखित परीक्षा दिलवाई थी। इसके लिए मनीष की फोटो लगाकर आधार कार्ड और प्रवेश पत्र तैयार किया था। परीक्षा केंद्र पर मनीष का ही बायो मैट्रिक हुआ था। वहीं गर्व चौधरी उर्फ मोनू पंडित ने डीवीपीएसटी पास कराने का ठेका लिया था। भर्ती के लिए पांच लाख दे चुके थे।
पांच के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
सीओ कोतवाली दीक्षा सिंह ने बताया कि थाना नाई की मंडी के एसआई विकास राणा की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें अलीगढ़ निवासी अभ्यर्थी गौरव शर्मा, भर्ती कराने का ठेका लेने के आरोपी धर्मेंद्र कौशिक, गर्व चौधरी उर्फ मोनू पंडित, मनीष और ऋषिपाल को नामजद किया है। इसमें धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, साजिश की धारा और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-1998 लगाया गया है। अभ्यर्थी के पिता ऋषिपाल भी नामजद हैं। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करेगी। आरोपी के पास से शैक्षिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, प्रवेश पत्र आदि बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बढ़ाई चेकिंग
पुलिस लाइन में भर्ती प्रक्रिया में आने वाले अभ्यर्थियों के साथ ही दलाल और फर्जी अभ्यर्थियों पर नजर रखने के लिए पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है। एलआईयू के साथ ही बिना वर्दी के पुलिसकर्मी लगाए गए हैं, जो दलालों पर नजर रख रहे हैं।
फिरोजाबाद का संदिग्ध अभ्यर्थी भी हिरासत में
सीओ कोतवाली दीक्षा सिंह ने बताया कि फिरोजाबाद के थाना मटसेना के गांव प्रेमपुर निवासी अतेंद्र को मंगलवार को पकड़ा है। उसका भी बायामैट्रिक मिलान नहीं हो पा रहा था। वह सही जानकारी नहीं दे रहा था। इस पर उसे थाना नाई की मंडी लाकर पूछताछ की जा रही है। अगर, उसके फर्जीवाड़ा करने की बात साबित होती है तो मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।