अलीगढ़ पुलिस लाइन में तैनात आगरा निवासी सिपाही ने मंदिर में प्रेम विवाह के तीन साल बाद पत्नी को सिर्फ इसलिए छोड़ दिया कि वो अनुसूचित जाति की है। यह आरोप लगाते हुए पीड़िता ने सोमवार को अलीगढ़ के महिला थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
पीड़ित महिला पूजा देवी जालौन के माधोगढ़ की रहने वाली है। उसने बताया कि आगरा के कागारौल के गांव रिठौरी निवासी अजीत सिंह तीन साल पहले जालौन के गोहन थाने में तैनात था। वहीं पूजा और अजीत मिले। फिर दोनों ने एक मंदिर में शादी रचा ली। शादी के बारे में किसी को नहीं बताया।
बीते मार्च में अजीत का तबादला अलीगढ़ हो गया। वो उसे वहीं छोड़ आया और पूजा को पत्नी मानने से ही इंकार कर दिया। उसने दूसरी जगह रिश्ता भी तय कर लिया। पता चलने पर पूजा कुछ दिन पहले घरवालों के साथ आई तो जुलाई में हाईकोर्ट में जाकर दोनों ने शादी की और मंदिर में पुन फेरे लिए।
अब सिपाही अजीत सिंह यह कहकर पूजा को पत्नी मानने से इंकार कर दिया कि वो अनुसूचित जाति से है। अलीगढ़ की महिला थाना इंस्पेक्टर सुनीत मिश्रा के अनुसार आरोपी सिपाही पर कार्रवाई के लिए विवेचक की रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं पीड़िता का कहना है कि आरोपी सिपाही किसी अन्य युवती से शादी करना चाहता है।