आगरा में सोमवार को एक बार फिर दीवानी परिसर में हाईकोर्ट बेंच की मांग के लिए अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। विभिन्न बार के पदाधिकारियों ने कहा कि बेंच की मांग वर्षों पुरानी है। सत्ता में आने से पहले नेता बेंच स्थापना की बात करते हैं लेकिन वोट मिलते ही मुंह फेर लेते हैं। अब बड़े स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा।
उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति ने सोमवार को आगरा और अलीगढ़ मंडल में न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया था। इस पर सुबह से ही अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर दिया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिवों की अगुवाई में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने प्रभात फेरी निकाली। वी वांट हाईकोर्ट, हमें चाहिए हाईकोर्ट, जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट लागू करो, वरना कुर्सी खाली करो जैसे नारे लगाए।
दोपहर 12 बजे आगरा बार एसोसिएशन के सभागार में बैठक हुई। अध्यक्षता संयोजक अरुण कुमार सोलंकी, सुभाष बाबू परमार, गिरीश पाठक, विजय पाल सिंह चौहान, दुर्ग विजय सिंह भैया ने की। प्रस्ताव पारित किए गए कि सप्ताह में हर शनिवार की हड़ताल पूर्ण रूप से जारी रहेगी। सितंबर माह में जनप्रतिनिधि जागो अभियान चलाया जाएगा।
केके शर्मा को महासचिव, अखिलेश मिश्रा को सचिव पद पर नियुक्त किया गया। कहा कि पांच बार में अगर कोई पदाधिकारी नहीं आता है तो उसका निष्कासन कर दिया जाएगा। बैठक में मेहताब सिंह, सीएल अरोड़ा, केसी शर्मा, राम दरवेश यादव, उमेश कुलश्रेष्ठ, देवेंद्र धाकड़े, एमचंद्रा, शिवम झा, हृदेश यादव, शैलेंद्र रावत, अनिल कुमार तिवारी, आरके नीलम, वीरेंद्र फौजदार, मोरध्वज सिंह इंदौलिया, ऋषिराज चौहान आदि मौजूद रहे।
बेंच की मांग, टैक्सेशन बार ने की सभा
उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर सोमवार को टैक्सेशन बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य कर भवन में सभा का आयोजन किया। अधिवक्ताओं ने संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया। न्यायिक कार्य बहिष्कार किया। अध्यक्ष राज किशोर ने सभा की अध्यक्षता की, महासचिव अखिलेश भटनागर ने संचालन किया।उन्होंने संघर्ष समिति के आह्वान का पूर्ण समर्थन किया। टैक्सेशन बार के सदस्यों ने मांग पूरी होने तक एकजुट रहने का संकल्प लिया। सभा मुख्य रूप से परमेंद्र पाल, संचित अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद दीक्षित, राकेश बाबू, अनुराग भटनागर व अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।