हाथी सवार उतरकर दूसरे दलों का थाम चुके हाथ
बसपा के हाथी पर चढ़कर जो विधायक बने, वह साल 2012 के बाद से ही दूसरे दलों में जगह देखने लगे। 2017 चुनाव के बाद तो बसपा के सभी पूर्व विधायक दूसरे दलों में पहुंच गए। इनमें से चार पूर्व विधायक इस चुनाव में मैदान में हैं। इनमें डॉ. धर्मपाल सिंह, भगवान सिंह कुशवाह, छोटेलाल वर्मा को भाजपा ने टिकट दिया है तो मधुसूदन शर्मा सपा से चुनाव लड़ रहे हैं। इनके अलावा बसपा से चुनाव लड़ चुके गुटियारी लाल दुबेश, कालीचरन सुमन, चौधरी बशीर, शौकी कपूर, केशव दीक्षित, दिगंबर सिंह धाकरे, राजकुमार चाहर, अमर सिंह परमार, धर्मप्रकाश भारतीय, अशोक दीक्षित, अमर चंद्र शर्मा, ज्ञानेंद्र गौतम, उमेश सैंथिया अब दूसरे दलों में हैं। इसके अलावा संगठन में रहे पूर्व एमएलसी सुनील चित्तौड़, धर्मप्रकाश भारतीय भी बसपा छोड़ चुके हैं।
बसपा का आठ चुनावों में प्रदर्शन
चुनाव जीत क्षेत्र
2017 0
2012 6 एत्मादपुर, छावनी, फतेहपुरसीकरी, खेरागढ़, फतेहाबाद, आगरा ग्रामीण
2007 6 बाह, एत्मादपुर, छावनी, पश्चिम, खेरागढ़, फतेहपुरसीकरी
2002 2 दयालबाग, छावनी
1996 2 एत्मादपुर, दयालबाग
1993 0
1991 0
1989 0
- सभी आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार
वोट प्रतिशत नहीं हुआ कम
बसपा कैडर बेस पार्टी है और नेताओं को तैयार करती है। कई विधायक यहां से चले भी गए, फिर भी हमारा वोट प्रतिशत कम नहीं हुआ। हमने हमेशा नए चेहरों को मौका दिया है और नेता बनाया। अब फिर से नए चेहरे उतारे हैं। दूसरे दलों से जो लड़ रहे हैं, वह कभी न कभी हमारे दल से चुनाव लड़े हैं। - गोरेलाल जाटव, मुख्य सेक्टर प्रभारी, बसपा