ताजमहल को लेकर लगातार उठ रहे विवादों पर विराम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद ताजमहल आएंगे। 26 अक्तूबर को वे अपने आगरा दौरे में ताज और ताजगंज सहित शहर के लिए कई घोषणाएं करने वाले हैं।
योगी सरकार ने साफ कर दिया कि पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण आगरा को और विकसित किया जाएगा। ऐसे में ताजमहल के पास अब तक लंबित रबर डैम बनाने का फैसला किया गया है। ताजमहल से आगरा फोर्ट तक पाथवे का निर्माण भी कराया जाएगा।
ताज, आगरा और इसके आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए 370 करोड़ रुपये की परियोजना बनाई गई है। हालांकि सपा सरकार में भी ताजमहल और आगरा प्रमुखता पर था। यही वजह है कि अखिलेश सरकार में ताजगंज में काफी विकास कार्य हुए।
197 करोड़ रुपये की ताजगंज योजना के साथ ही 240 करोड़ रुपये की लागत से ताज ऑरियटेंशन सेंटर और 150 करोड़ रुपये की लागत से मुगल म्यूजियम योजना को शुरू किया गया।
भाजपा सरकार आते ही शुरू हुए विवाद
ताजमहल
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प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद ताजमहल को लेकर विवाद शुरू हो गए। पिछले दिनों प्रदेश पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी की ओर से जारी पत्रक में ताजमहल को जगह नहीं दी गई। इसको लेकर तमाम सवाल खड़े होने लगे। हाल ही में भाजपा विधायक संगीत सोम ने भी इसको लेकर टिप्पणी की।
प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने भी पिछले दिनों नाम लिए बिना ताज पर खूब निशाने साधे थे। कहा था कि आगरा का इतिहास सिर्फ एक इमारत में सिमट कर रह गया है। जबकि इसका इतिहास इससे भी काफी पुराना है।
मगर, इन विवादों को किनारे करते हुए सीएम योगी ने ताजमहल और आगरा के विकास के लिए कई योजनाओं के शुभारंभ करने की तैयारी कर रहे हैं। जिलाधिकारी गौरव दयाल के अनुसार, मुख्यमंत्री 26 अक्तूबर को आ रहे हैं। वह ताजमहल और ताजगंज का निरीक्षण करेंगे।
रबर डैम को पहले ना, अब हां
बीती 7 मई को आगरा भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने ताज हेरीटेज कारीडोर से यमुना का निरीक्षण किया था। तब उन्हें ताजमहल से आगे यमुना पर रबर डैम बनाने के प्रस्ताव के बारे में बताया गया। उन्हें मौके पर पहुंचकर इसका अवलोकन भी करना था।
मगर, तब मुख्यमंत्री ने रबर डैम की उपयोगिता को नकार दिया था। मगर, अब वह इसी योजना को हरी झंडी देने की तैयारी कर रहे हैं। ताजमहल यमुना नदी के किनारे बना है। इसकी नींव लकड़ी पर डाली गई है। यमुना की धार तेज हुई तो ताजमहल को खतरा होगा। इसको देखते हुए ही रबर डैम और पाथवे के निर्माण का फैसला हुआ है।
अधर में ही न लटक जाएं तैयारी
दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री 26 अक्तूबर को 370 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि 25 अक्तूबर से निकाय चुनाव के संबंध में अधिसूचना जारी हो जाएगी। ऐसी स्थिति में किसी भी योजना का शिलान्यास कैसे हो सकता है।