उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सांस्कृतिक धरोहरों की सूची से ताज को हटाकर विवादों का सिलसिला शुरू किया। यह सत्ता और विपक्ष के बीच अब भी जारी है। इसका बड़ा असर सूबे के पर्यटन कारोबार पर पड़ सकता है, क्योंकि ताजमहल देश के पर्यटन का आईना है।
अकेले ताजनगरी में ही चार लाख लोगों की रोजी-रोटी इससे जुड़ी हुई है। हर साल 3 हजार करोड़ रुपये का पर्यटन कारोबार आगरा से हो रहा है, जिसमें विदेशी मुद्रा की कमाई पूरे प्रदेश के मुकाबले सबसे ज्यादा आगरा से ही होती है। ताज के विवाद से दिल्ली-आगरा-जयपुर के गोल्डन ट्रायंगल पर असर पड़ने की आशंका पर्यटन उद्यमियों ने जताई है।
पूरा उत्तर प्रदेश एक तरफ और ताज एक तरफ। कुछ ऐसा ही है ताजमहल का जादू। ताज से होने वाली कमाई हो या दीदार करने वाले विदेशी सैलानियों की तादात। सभी में ताजमहल नंबर 1 है।
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
मुगलिया दौर की राजधानी रहे आगरा की पूरी अर्थव्यवस्था और चार लाख लोगों की रोजी रोटी इसी पर टिकी है। होटल, एंपोरियम, रेस्टोरेंट, टूर आपरेटर, टैक्सी आपरेटर, गाइड, हॉकर, फोटोग्राफरों की कमाई ताज पर ही टिकी है।
होटल एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश चौहान के मुताबिक ताज को लेकर बयानबाजी बंद होनी चाहिए। तीन साल के बाद ताज पर पर्यटक बढ़े हैं। ऐसे विवादों से ताज पर सैलानी फिर घट सकते हैं।
विदेशी सैलानियों को रिझाने में सबसे आगे ताज
ताजमहल अवलोकन के दौरान इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ताजमहल पर विवाद का असर विदेशी सैलानियों पर पड़ सकता है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी बिगाड़ सकते हैं। आगरा में बीते साल 2016 में 13.62 लाख विदेशी पर्यटक ताजमहल का दीदार करने आए थे।
प्रदेश में बाकी सभी पर्यटन स्थल मिलकर भी इतने पर्यटक नहीं जुटा सके, जितने अकेले ताज हर साल अपनी ओर खींचता है। सारनाथ में चार लाख और वाराणसी में तीन लाख से ज्यादा विदेशी सैलानी ही पहुंचते हैं। अगर ताजमहल पर विवादित बयानों का सिलसिला न थमा तो विदेशी सैलानियों की संख्या में कमी आ सकती है।
होती है इतनी कमाई
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
- 3000 करोड़ रुपये का आगरा का पर्यटन कारोबार
- 105 करोड़ रुपये केवल ताज के टिकट से कमाई
- 13.62 लाख विदेशी सैलानी आए पिछले साल
- 525 से ज्यादा सितारा, बजट क्लास होटल
- 1500 गाइड आगरा में कर रहे हैं काम
- 55 करोड़ रुपये एडीए का पथकर से कमाई
एक तरफ ताज, दूसरी ओर पूरा प्रदेश
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शहर विदेशी पर्यटक
आगरा 13,62,791
सारनाथ 4,09,242
वाराणसी 3,12,519
फतेहपुर सीकरी 1,46,340
झांसी 1,26,119
इलाहाबाद 1,09,571
श्रावस्ती 1,06,013
कुशीनगर 73,514
लखनऊ 58,716
सुनौली 53,242
(उ.प्र. पर्यटन विभाग के 2016 के आंकड़े)