ये भी मांगें
- पांच रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मुहैया हो
- कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाए
- कम कीमत पर मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएं
आंकड़े
-120 गारमेंट इकाइयां हैं शहर में
-25 हजार के करीब लोगों को रोजगार
-100 करोड़ रुपये के करीब का टर्नओवर
उन्नत मशीन, तकनीक का अभाव
आगरा रेडीमेड गारमेंट संगठन के सचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि हमारे पास उन्नत मशीन और तकनीक का अभाव है। इसी कारण अन्य शहर हमसे आगे निकल जाते हैं। टैक्सटाइल पार्क में यह सुविधाएं मुहैया होने से हम भी प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे।
टैक्सटाइल पार्क से निर्यात बढ़ेगा
कोषाध्यक्ष विशाल अग्रवाल ने कहा कि इस समय हमारा उद्योग बिखरा हुआ है। क्लस्टर बनाकर इसे एक जगह पर लाने की आवश्यकता है। इसके लिए टैक्सटाइल पार्क अच्छी व्यवस्था हो सकती है। इसके बनने से हमारा निर्यात भी काफी बढ़ेगा।
सरकार यह काम जल्दी कराए
उप सचिव पीके गुप्ता ने कहा कि टीटीजेड में उद्योगों पर प्रभाव की भरपाई टैक्सटाइल पार्क से की जा सकती है। इसमें सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा और उद्योगों को भी नई दिशा मिलेगी। सरकार को इस काम को जल्द पूरा करना चाहिए।
यूपीसीडा को आगे का काम करना है
आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन के सचिव केसी जैन ने कहा कि थीम पार्क के अंतर्गत 232 हेक्टेयर जमीन पर टैक्सटाइल पार्क का बनना तय हुआ है। 27 हेक्टेयर जमीन का निर्धारण नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब यह काम हो चुका है, ऐसे में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को आगे की प्रक्रिया करनी है।
प्रस्ताव बनाकर भेजा
राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि टैक्सटाइल पार्क के संबंध में मुख्यमंत्री से बात की गई है और इसका प्रस्ताव भी बनाकर भेज दिया गया है। बजट में इसके मिलने की संभावना है।