फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी बजट से उम्मीद: कारोबारी बोले- ताजनगरी में टैक्सटाइल पार्क बने तो लगें गारमेंट इंडस्ट्री को पंख

Fri, 19 Feb 2021 11:35 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
आगरा: गारमेंट इकाई में काम करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में प्रदूषण रहित उद्योगों की दरकार को टैक्सटाइल और गारमेंट इंडस्ट्री पूरा कर सकती हैं। उन्नत मशीनों और तकनीक के अभाव में आगरा में यह उद्योग पिछड़ रहा है। आगरा के कारोबारियों का कहना है कि टैक्सटाइल पार्क इस जरूरत को पूरा कर सकता है। लेकिन कई माह की कवायद के बाद भी योजना जमीन पर उतरती नहीं दिख रही। उद्यमियों का मानना है कि पार्क के बाद इंडस्ट्री को सफलता के पंख लग जाएंगे। उत्तर प्रदेश के बजट में इसके लिए प्रावधान हो।

विज्ञापन


आगरा रेडीमेड गारमेंट संगठन के अध्यक्ष संजीव कुमार अग्रवाल का कहना है कि जिले में करीब 25 हजार लोगों को रोजगार देने वाला यह उद्योग आगरा में अन्य शहरों से पिछड़ा हुआ है। मुंबई, सूरत, दिल्ली जैसे शहर हमसे मीलों आगे हैं। क्योंकि हम तकनीक में मात खा जाते हैं। 

अलग-अलग क्षेत्रों में इकाइयां बिखरी हुई हैं। इन्हें एक जगह पर समेटने की आवश्यकता है। टैक्सटाइल पार्क से ये जरूरतें पूरा होंगी। इसके लिए सभी मंजूरियां मिल चुकी हैं। अब बस इसे जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए। कई बार बैठक व जनप्रतिनिधियों से मिलने के बावजूद योजना धरातल पर नहीं दिख रही।

विज्ञापन

ये भी मांगें
- पांच रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मुहैया हो 
- कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाए 
- कम कीमत पर मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएं

आंकड़े 
-120 गारमेंट इकाइयां हैं शहर में
-25 हजार के करीब लोगों को रोजगार
-100 करोड़ रुपये के करीब का टर्नओवर

उन्नत मशीन, तकनीक का अभाव
आगरा रेडीमेड गारमेंट संगठन  के सचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि हमारे पास उन्नत मशीन और तकनीक का अभाव है। इसी कारण अन्य शहर हमसे आगे निकल जाते हैं। टैक्सटाइल पार्क में यह सुविधाएं मुहैया होने से हम भी प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे। 
विज्ञापन

टैक्सटाइल पार्क से निर्यात बढ़ेगा
कोषाध्यक्ष विशाल अग्रवाल ने कहा कि इस समय हमारा उद्योग बिखरा हुआ है। क्लस्टर बनाकर इसे एक जगह पर लाने की आवश्यकता है। इसके लिए टैक्सटाइल पार्क अच्छी व्यवस्था हो सकती है। इसके बनने से हमारा निर्यात भी काफी बढ़ेगा।

सरकार यह काम जल्दी कराए
उप सचिव पीके गुप्ता ने कहा कि टीटीजेड में उद्योगों पर प्रभाव की भरपाई टैक्सटाइल पार्क से की जा सकती है। इसमें सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा और उद्योगों को भी नई दिशा मिलेगी। सरकार को इस काम को जल्द पूरा करना चाहिए। 

यूपीसीडा को आगे का काम करना है
आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन के सचिव केसी जैन ने कहा कि थीम पार्क के अंतर्गत 232 हेक्टेयर जमीन पर टैक्सटाइल पार्क का बनना तय हुआ है। 27 हेक्टेयर जमीन का निर्धारण नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब यह काम हो चुका है, ऐसे में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को आगे की प्रक्रिया करनी है। 

प्रस्ताव बनाकर भेजा
राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि टैक्सटाइल पार्क के संबंध में मुख्यमंत्री से बात की गई है और इसका प्रस्ताव भी बनाकर भेज दिया गया है। बजट में इसके मिलने की संभावना है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें