उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल सोशल मीडिया के लिए नहीं, ऑनलाइन पढ़ाई के लिए किया। उन्हें हिंदी में 100 में से 93, अंग्रेजी में 90, गणित में 94, विज्ञान में 96, सोशल स्टडी में 83 और कला में 94 अंक मिले।
बेटे की सफलता पर माता-पिता बोले, उन्हें इतनी खुशी है कि शब्दों में बयां नहीं कर सकते। छात्रवृत्ति मिलते ही उन्हें भरोसा हो गया था कि बेटा बोर्ड की परीक्षा में भी कामयाब होगा, क्योंकि वह मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ता है।
शिक्षक बनने का है सपना
छात्र आलोक ने बताया कि उसका सपना शिक्षक बनने का है। जिस देश में अच्छे शिक्षक हों, वह अवश्य प्रगति करता है, क्योंकि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं।
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