कान्हा की जन्म और लीला भूमि मथुरा में अब प्रदेश की सबसे बड़ी गोशाला बनने जा रही है। इसके लिए गोवर्धन और वृंदावन के बीच गांव राल का चयन किया गया है। यहां 125 एकड़ क्षेत्रफल में प्रदेश भर के लिए मॉडल के रूप में गोशाला तैयार होगी। यहां करीब पचास हजार गायों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। गोचारण के लिए भी भूमि तय की गई है।
खुला गोवंश योगी सरकार के लिए बड़ी चुनौती के रूप सामने आ रहा है। इससे निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जनपद में ग्राम पंचायत स्तर पर गोशाला खोलने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए राज्य के बजट में भी भारी भरकम राशि का प्रावधान किया गया है। गोवंश के प्रति राज्य सरकार की भावना को देखते हुए ब्रज तीर्थ विकास परिषद प्रदेश की सबसे बड़ी सरकारी नियंत्रण वाली गोशाला ब्रजभूमि में बनाने जा रही है। इसके लिए राल में 125 एकड़ जमीन चयनित की जा रही है। इसे प्रदेश की मॉडल गोशाला बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
अनुमान है कि इस पर 20 से 25 करोड़ की लागत आएगी। ब्रज तीर्थ विकास परिषद की योजना इस गोशाला को भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने की भी है। इसकी प्लानिंग डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में अभी शामिल की जा रही है। इसके लिए बुधवार को ब्रज तीर्थ विकास परिषद कार्यालय में बैठक हुई। इसमें परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, डीएम सर्वज्ञराम मिश्र और सीईओ नगेंद्र प्रताप सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।
- जनपद में गोवंश की संख्या-2.30 लाख
- खुले में घूम रहा गोवंश-50 हजार
- जनपद में पंजीकृत गोशाला-32
- अपंजीकृत गोशाला संचालित-80
- विकसित हो रहे अस्थाई गो आश्रय स्थल-18