स्कूल के गेट पर लगाया गाइडलाइन का बैनर
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आगरा में सात माह बाद सोमवार से स्कूल खुल रहे हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए व्यवस्थाओं में कई बदलाव किए गए हैं। प्रार्थना सभा नहीं होगी, बच्चे टिफिन नहीं ले जा पाएंगे। फिलहाल कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों को ही बुलाया गया है। वे ही विद्यार्थी स्कूल पहुंचेंगे, जिनके अभिभावकों ने लिखित सहमति दे दी है। कक्षा में अधिकतम तीन घंटे पढ़ाई कराई जानी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने बताया कि जिले में करीब 2.53 लाख छात्र-छात्राओं का पंजीकरण यूपी बोर्ड के विद्यालयों में नौ से 12 तक की कक्षाओं में है। इसमें करीब 22 फीसदी अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने की सहमति दे दी है।
शासन के निर्देशानुसार कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले जाने हैं। जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने स्कूल संगठनों की बैठक में पहले एक हफ्ते में कक्षा 10 व 12 के विद्यार्थियों को ही बुलाने के निर्देश दिए थे। स्कूलों ने उसी के अनुरूप तैयारी की है।
इन बदलावों के साथ खुल रहे स्कूल
- अभी स्कूल बच्चों को लाने-ले जाने (बस, रिक्शा, ऑटो) की सुविधा नहीं दे रहे हैं।
- अभिभावकों को ही बच्चों को स्कूल भेजने और ले जाने की जिम्मेदारी लेनी होगी।
- विद्यार्थियों का मास्क पहनकर विद्यालय जाना अनिवार्य किया गया है।
- सामाजिक दूरी के साथ स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा।
- प्रवेश द्वार पर ही थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन की व्यवस्था होगी।
- कक्षा में विद्यार्थियों के बीच छह फीट की दूरी रखी जानी है।
- खेलकूद की गतिविधियां नहीं कराई जाएंगी।
- भोजनावकाश में भी कक्षा के बाहर नहीं जाएंगे विद्यार्थी।
- कोशिश है कि विद्यार्थी टिफिन न लाएं। घर से खाकर आएं और घर जाकर भोजन करें।
प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था की गई
सरस्वती विद्या मंदिर के एक कक्ष की तस्वीर
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शासन के निर्देशानुसार स्कूलों में प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था की गई है। सरस्वती विद्या मंदिर, होली पब्लिक, जीडी गोयंका आदि स्कूलों में आइसोलेशन वार्ड भी बनाए गए हैं। फर्स्ट एड की व्यवस्था की गई है।
सरस्वती विद्या मंदिर के प्रबंधक विजय कुमार गोयल ने बताया कि उनके यहां कक्षा 10 में 170 व कक्षा 12 में 118 अभिभावकों की सहमति प्राप्त हुई है। विद्यालय में कोविड-19 कमेटी का गठन किया गया है। यह कक्षाओं का निरीक्षण करेगी। प्रत्येक कक्षा में 20 विद्यार्थी की ही बैठने की व्यवस्था की गई है।
प्रदेश स्तर से नामित अधिकारी करेंगे निरीक्षण
पहले दिन स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए निदेशालय स्तर से अधिकारियों को विभिन्न जिलों में निरीक्षण के लिए लगाया गया है। सोमवार को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, लखनऊ के सहायक निदेशक सर्वेश कुमार सभी बोर्ड के स्कूलों का निरीक्षण करेंगे।
पहले दिन छात्र-छात्राओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण : नप्सा
नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन (नप्सा) के अध्यक्ष संजय तोमर का कहना है कि पहले दिन जो विद्यार्थी अभिभावकों की सहमति से स्कूल आएंगे, उनको प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूल में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बरते जाने वाले एहतियात की जानकारी दे दी गई है। इसके बाद भी छात्र-छात्राओं को पहले दिन शिक्षक जागरूक करेंगे। शासन के दिशा-निर्देश के अनुरूप सारी तैयारियां भी कर ली गई हैं।
विद्यार्थी नहीं आएंगे, रिहर्सल किया जाएगा : अप्सा
एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल आगरा (अप्सा) के अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने बताया कि संगठन के सदस्य स्कूलों में सोमवार को विद्यार्थियों को नहीं बुलाया जाएगा। पहले दिन शिक्षक और गैर शैक्षणिक स्टाफ ही आएंगे। विद्यार्थियों के आने पर थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन, ऑक्सीजन की रिहर्सल की जाएगी। सामाजिक दूरी का पालन करवाने के लिए गोले बनवाए जा रहे हैं।
शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से करें पालन : जेडी
मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल का कहना है कि सभी बोर्ड के स्कूलों को शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दे दी गई है। स्कूल खुलने पर उसका अनिवार्य रूप से पालन किया जाना है। अधिकारियों की टीमें स्कूलों का निरीक्षण करेंगी। ढिलाई पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।