आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में गठित उच्चस्तरीय समिति को सात दिनों में गूगल फार्म, ई-मेल और हेल्प डेस्क के माध्यम से 3080 प्रार्थनापत्र मिल चुके हैं। सोमवार को भी समिति छात्रों के प्रार्थनापत्र स्वीकार करेगी। वहीं, एजेंसी प्रार्थनापत्रों के निस्तारण की रिपोर्ट भी समिति को देगी।
विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान संस्थान में लगे हेल्प डेस्क पर रविवार को सबसे कम महज 20 छात्र-छात्राओं के प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए। गूगल फार्म और ई-मेल के माध्यम से भी प्रार्थनापत्र दिए गए। समिति के सदस्य प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार तक गूगल फार्म के माध्यम से 1927 प्रार्थनापत्र, ई-मेल के माध्यम से 550 और हेल्प डेस्क पर 603 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए।
इनका कहना है कि जो समस्याएं सीधे एजेंसी स्तर से दूर हो सकती हैं, उन्हें नियमित रूप से एजेंसी को भेज दी जा रही है। जिन प्रार्थनापत्रों में किसी प्रमाणपत्र की जरूरत है, उसकी जानकारी संबंधित छात्रों को दी जा रही है। कुछ ऐसे विषय भी जिन पर अधिकारियों को निर्णय लिया है, उनको अलग रखा जा रहा है।
रविवार को प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अलावा समिति के सदस्य प्रो. ब्रजेश रावत और सहायक कुलसचिव परीक्षा पवन कुमार ने प्रार्थनापत्रों की जांच की। सौरभ शर्मा की ओर से सहयोग प्रदान किया गया। अभी तक करीब 70 प्रकरणों का ही निस्तारण किया गया है। बाकी का निस्तारण विश्वविद्यालय में छुट्टियां हो जाने से नहीं हो पाया है।
मार्क्स वेटिंग के 247, ओएमआर दिखाने के 356 प्रार्थनापत्र
उच्चस्तरीय समिति के हेल्प डेस्क पर प्राप्त 603 प्रार्थनापत्रों में से 247 मामले मार्क्स वेटिंग (एमडब्ल्यू) से संबंधित हैं। जबकि ओएमआर शीट दिखाने की मांग 356 छात्रों की ओर से की गई है। दो-तीन नंबर से विभिन्न विषयों में फेल छात्र अपनी ओएमआर शीट देखना चाह रहे हैं।