कारगिल शहीद नायक रविकरन सिंह (फाइल फोटो)
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20 साल 18 दिन पहले नावली के लाल रविकरन ने 12 हजार फुट की ऊंचाई पर दुश्मन को ललकारते हुए आठ गालियां खाईं थीं। अंतिम सांस तक लड़े रविकरन ने पाक के 10 घुसपैठियों को मार गिराया था। कारगिल शहीद नायक रविकरन सिंह कर्नल कुशाल सिंह ठाकुर की टुकड़ी में सबसे आगे थे।
नौहझील के गांव नावली निवासी किसान ब्रजेंद्र सिंह के बेटे रविकरन सिंह सन् 1985 में आगरा स्थित बीआरओ से सेना में भर्ती हुए थे। ट्रेनिंग के बाद वह 18 ग्रेनेडियर लड़ाकू यूनिट में सिपाही बने। कारगिल की लड़ाई में वह जम्मू कश्मीर में भेजे गए।
उनकी यूनिट 12 हजार से अधिक ऊंचाई पर स्थित टाइगर हिल पर लड़ रही थी। यूनिट का नेतृत्व कर्नल कुशाल ठाकुर कर रहे थे। उनकी यूनिट अग्रज भूमिका में थी। पाक सैनिक घुसपैठियों से आमने सामने की लड़ाई व गोलाबारी चल रही थी।