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केंद्रीय कानून व न्याय राज्यमंत्री बोले: राज्यों से प्रस्ताव आएंगे तो नई हाईकोर्ट खंडपीठ पर विचार करेगी सरकार

Wed, 18 Aug 2021 01:20 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, ग्वालियर/आगरा

सार

केंद्रीय कानून व न्याय राज्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी यूपी समेत देश के अन्य राज्यों से इस संबंध में केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्ताव आएंगे तो वह अवश्य विचार करेगी। 
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केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्यमंत्री एवं आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने के लिए प्रस्ताव आएंगे तो सरकार इन पर विचार करेगी। कई राज्यों में उच्च न्यायालयों की खंडपीठ की मांग उठ रही है। खंडपीठ और न्यायाधीशों की कमी को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। 

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ग्वालियर आए केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. बघेल ने कहा कि उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की कमी और लगातार बढ़ते लंबित केसों पर सरकार का ध्यान है। आगरा, मेरठ में उच्च न्यायालय खंडपीठ की मांग वर्षों से लंबित होने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री बघेल ने कहा कि पश्चिमी यूपी समेत देश के अन्य राज्यों से इस संबंध में केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्ताव आएंगे तो वह अवश्य विचार करेगी। 

उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों में उच्च न्यायालयों की नई खंडपीठ की मांग भी उठी है, कई उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की कमी भी है। हालांकि न्यायाधीशों का चयन एक संवैधानिक प्रक्रिया है, इसके लिए मुख्य न्यायाधीश नाम का प्रस्ताव कोलेजियम के पास भेजते हैं। लंबित केसों पर भी उच्च न्यायालय ध्यान दे रहे हैं।

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फास्ट ट्रैक कोर्ट से रेप के आरोपियों को जल्द सजा
प्रो. बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार का ध्यान फास्ट ट्रैक कोर्ट पर भी है। दुष्कर्म के मामलों के आरोपी कम सजा या बिना साक्ष्य के छूट जाने के सवाल के जवाब में कहा कि ऐसा नहीं है। सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास कर रही है। 

उन्होंने अफगानिस्तान में अशांति पर कहा कि केंद्र सरकार पहले ही नागरिकता संशोधन लाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के लोगों को भारत की नागरिकता दे रही है। ट्विटर द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आईडी पर रोक पर बोले कि कानून से ऊपर कोई नहीं हैं। व्यक्ति विशेष के लिए कानून को लचीला नहीं किया जा सकता है।

आगरा में चल रहा खंडपीठ के लिए आंदोलन
जसवंत सिंह आयोग की सिफारिश के बाद भी आगरा में हाईकोर्ट बेंच न बन पाने पर अधिवक्ता आंदोलन कर रहे हैं। 20 साल पहले दीवानी में हुए लाठीचार्ज के बाद यह आंदोलन और व्यापक हो गया। आगरा के अधिवक्ताओं की मांग है कि ब्रिटिश राज में जब पूरा हाईकोर्ट यहां था, जो बाद में प्रयागराज शिफ्ट कर दिया गया। 

अब यहां कम से कम हाईकोर्ट बेंच ही दे दी जाए। जसवंत सिंह आयोग की सिफारिशों का पालन सरकार करे। आगरा से प्रयागराज की दूरी ज्यादा है। आगरा में हाईकोर्ट बेंच बनने पर पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के वादकारियों को सस्ता, सुलभ न्याय मिल सकेगा। 
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