एत्माद्दौला के नुनिहाई फैक्टरी एरिया में रेलवे लाइन के किनारे बुधवार की सुबह फैक्टरी के श्रमिक आकाश (23) और मनीष (23) के शव पड़े मिले। दोनों मंगलवार रात को घर नहीं पहुंचे थे। परिजन उनके साथ अनहोनी की आशंका जता रहे थे। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इससे ही स्थिति साफ होगी।
ट्रांसयमुना कॉलोनी निवासी आकाश और मंगला विहार, प्रकाश नगर निवासी मनीष नुनिहाई स्थित एक फैक्टरी में ठेकेदार के साथ काम करते थे। आकाश के पिता राजू ने बताया कि बेटा मंगलवार शाम को पांच बजे फैक्टरी में काम करके घर आया। साइकिल खड़ी करके चला गया। इसके बाद रात में घर नहीं पहुंचा। उन्होंने समझा कि रात में नवरात्र को लेकर चल रहे जागरण देखने चला गया होगा।
उधर, मनीष भी मंगलवार को सुबह काम पर गया था। इसके बाद घर नहीं लौटा। पिता गिर्राज सिंह ने बताया कि बेटे के रात में आठ बजे तक घर नहीं आने पर तलाश की, लेकिन उसके बारे में जानकारी नहीं मिल सकी।
बुधवार सुबह आठ बजे नुनिहाई में आगरा-टूंडला रेलवे लाइन के पास आए लोगों ने युवकों के शव पड़े देखे। इस पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त की। दोनों के शव रेलवे लाइन के किनारे पड़े मिले। मनीष के पेट पर घाव था। उसकी एक चप्पल, घटना से तकरीबन 400 मीटर दूर पड़ी मिली। आकाश के चेहरे पर चोट थी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने दोनों के साथ अनहोनी की आशंका जाहिर की।
उधर, एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि आकाश और मनीष के फैक्टरी से आते समय ट्रेन की चपेट में आने की आशंका है। हालांकि मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
आकाश दो भाइयों में बड़ा था। छोटा अभय है। मां रजनी हैं। पिता राजू मजदूरी करते हैं। वहीं मनीष का छोटा भाई अवधेश विकलांग है। बहन रेनू और मां शिमला देवी हैं। घटना से दोनों के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना था कि आकाश और मनीष दोस्त थे। फैक्टरी से आने के बाद अक्सर शाम को घर से निकल जाते थे, बाद में वापस आते थे।
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