फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मथुरा: पटरियों में फंसा सास का पैर, निकालने दौड़ी बहू, ट्रेन से कटकर दोनों की मौत

Thu, 04 Apr 2019 11:34 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
विज्ञापन
हादसे के बाद जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मथुरा में बुधवार की सुबह मथुरा-जयपुर रेलमार्ग पर राधाकुंड के पास मुखरई चैनल पर रेलवे लाइन पार करते वक्त महिला का पैर पटरियों के बीच में फंस गया। साथ में चल रही बहू सास का पैर निकालने पहुंची। इसी दौरान पैसेंजर की चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई। बताया जाता है कि सास-बहू गेहूं काटने के लिए खेत पर जा रही थीं।  
विज्ञापन

 
राधाकुंड के जाटव मोहल्ला निवासी भगवान देई (60) पत्नी राजेंद्र और उनकी पुत्रवधू भूरी (28) पत्नी नेम सिंह खेत पर मजदूरी करने के लिए घर से निकली थीं। सुबह को करीब साढ़े आठ बजे दोनों सास-बहू राधाकुंड-पाडल मार्ग पर बंबे के पास रेलवे लाइन को पार कर रही थीं। 

इसी बीच ट्रैक पर दो पटरियों के बीच में सास का पैर फंस गया। थोड़ा आगे निकल गई बहू को भगवान देई ने आवाज लगाई। सास का पैरा फंसा देख बहू भूरी दौड़ पड़ी और पैर निकालने की कोशिश करने लगी। इसी बीच मथुरा से जयपुर जा रही पैसेंजर ट्रेन आ गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रेन का हॉर्न बजा होता तो बच सकती थी जान 

ट्रेन की चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची गोवर्धन पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। महिलाओं के घर पर खबर पहुंची तो कोहराम मच गया। राधाकुंड चौकी प्रभारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि सास और पुत्रवधू की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हुई है।

अगर ट्रेन का हॉर्न बजा होता तो सास और बहू की जान बच सकती थी। ऐसा प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रेन का हॉर्न बजा होता तो सास और बहू सचेत हो जाती। इसके चलते दोनों अपनी जान बचा सकती थीं। पैर निकालने की जद्दोजहद में ट्रेन को देख नहीं सकीं।

जाटव मोहल्ले में सास और बहू की मौत के बाद चूल्हे तक नहीं जले। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका भूरी का पति नेम सिंह गोवर्धन में मजदूरी करता है। भूरी पर दो बेटी और दो बेटे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें