एटा जिले के थाना अवागढ़ क्षेत्र के गांव रुद्रपुर में रविवार को पैर फिसलने से दो बहनें बंबा में डूब गईं। इससे दोनों की मौत हो गई। आसपास के लोग करीब डेढ़ घंटे बाद उनके शवों को पानी से निकाल सके। बाद में परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर दोनों के शव किला बाईपास रोड पर रखकर जाम लगा दिया। आधे घंटे तक मार्ग पर यातायात अवरुद्ध रहा।
विज्ञापन
गांव रुद्रपुर निवासी राकेश बघेल की 14 वर्षीय पुत्री रानी उर्फ सलोनी और नौ वर्षीय पुत्री नीरू को रविवार सुबह करीब 10 बजे मां रामवती अपने साथ खेतों पर ले गईं। दोपहर करीब 12 बजे इन दोनों को घर जाने के लिए कहा। लौटते समय सारन ताल से निकलने वाले बंबा के किनारे नीरू का पैर फिसल गया और वह बंबा में गिर गई।
बहन को बचाने के प्रयास में सलोनी भी फिसल गई। दोनों की चीख-पुकार सुन आसपास के ग्रामीण एकत्रित हुए तब तक दोनों बहनें पानी में डूब चुकी थीं। ग्रामीणों ने रस्से आदि डालकर तलाश शुरू की। करीब डेढ़ घंटे बाद बंबे से दोनों को मृत हालत में निकाला गया।
विज्ञापन
दो सगी बहनों के बंबा में डूबने की खबर पर वहां काफी लोगों की भीड़ जुट गई। सीओ जलेसर सुनील कुमार त्यागी ने बताया कि खेत पर गई दो बहनों की बंबा में डूबने से मौत हुई है। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। उनको समझाकर यातायात सुचारू करा दिया गया।