आरटीई के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं देने पर दो और निजी स्कूलों को बीएसए ने नोटिस जारी किया है। स्कूलों को चेतावनी दी गई है कि प्रवेश न देने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना और मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम-2009 के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश न देने वाले दो और निजी स्कूलों को बृहस्पतिवार को बीएसए ने नोटिस जारी किया। बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि बरौली अहीर स्थित निजी स्कूल में आरटीई के तहत 31 छात्रों में सिर्फ सात छात्रों को प्रवेश दिया गया। वहीं बमरौली स्थित स्कूल में 17 छात्रों में से किसी को भी प्रवेश न देने का मामला सामने आया है।
नोटिस में विद्यालयों को चेतावनी दी गई है कि यदि बच्चों को प्रवेश नहीं दिया गया तो मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई के साथ एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे पहले इस माह तीन स्कूलों को चयनित छात्रों को प्रवेश न देने संबंधी शिकायतों के बाद जांच के आधार पर नोटिस जारी किए गए थे।
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फीस वापस न करने पर नोटिस
बिचपुरी स्थित निजी स्कूल के खिलाफ अभिभावक की शिकायत पर हुई जांच में शुल्क जमा कराने के बावजूद प्रवेश न देने की बात सामने आई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बच्चे का प्रवेश न होने के बावजूद स्कूल की ओर से जमा कराए 4500 रुपये वापस नहीं किए गए। बीएसए ने शिकायत के संबंध में नोटिस देते हुए स्कूल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी गई कि संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की जाएगी।
नियमों की अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई
बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि आरटीई के तहत चयनित प्रत्येक बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित कराना विभाग की प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय की ओर से नियमों की अनदेखी किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।