आगरा में ऑनलाइन रोड टैक्स के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग के दो और सदस्य पकड़े गए हैं। दोनों आरोपी बूथों पर रसीद काटकर कैश लेने का काम करते। पूर्व में इस गैंग के सरगना सहित आठ आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
आगरा में पुलिस ने व्यवसायिक वाहनों की ऑनलाइन आरटीओ टैक्स की फर्जी रसीद देकर धोखाधड़ी करने वाले गैंग के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों पूर्व में जेल जा चुके सरगना राहुल के लिए बूथों पर बैठकर व्यवसायिक वाहन चालकों से रुपये लेकर फर्जी रसीद काटते थे। इसके बाद रकम को पार्टनरों में बांटा करते थे। गैंग के आठ सदस्य और सरगना पूर्व में जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस के टारगेट पर अभी विभिन्न राज्यों की सीमा पर बने फर्जी बूथों के कर्मचारी और सरगना हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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आवास विकास कॉलोनी सेक्टर चार ए निवासी पुनीत पाराशर ने आगरा परिक्षेत्र के साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। उनसे रुपये लेकर ऑनलाइन टैक्स की फर्जी रसीद दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने ऑनलाइन रोड टैक्स के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रकम लेने वाले गैंग का खुलासा किया था। आठ आरोपियों को जेल भेजा था। इनमें राजेंद्र उर्फ राजू, प्रेम सिंह, मोनू, हर्ष मित्तल, बलवीर उर्फ बल्लो, अजीत, राहुल और प्रवीन थे।
आरोपी परिवहन विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाते थे। इससे ऑनलाइन टैक्स जमा करने के नाम पर वाहन चालकों से रकम लेते थे। मोबाइल पर मैसेज भी भेजते थे। इससे लोग विश्वास करते थे। फर्जी रसीद भी तैयार करके दे देते थे। पुलिस की पूछताछ में गैंग के अन्य सदस्यों के नाम सामने आए थे। थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि गैंग के दो और सदस्यों गौतमबुद्ध नगर निवासी सुमित कुमार और अंकुर को गिरफ्तार किया है। उनसे दो मोबाइल, छह फर्जी वेबसाइट और दो आधार कार्ड बरामद किए गए।
गांव की रिश्तेदारी से सरगना के संपर्क में आया था सुमित
पुलिस ने बताया कि सुमित इंटरमीडिएट पास है, जबकि अंकुर ने दसवीं कर रखी है। सुमित के गांव में गैंग के सरगना राहुल की रिश्तेदारी है। इससे सुमित की भी उससे पहचान थी। वर्ष 2015 से सुमित और अंकुर राहुल के साथ जुड़ गए थे। तब से इस काम में लगे थे। राहुल को पिछले दिनों पुलिस ने जेल भेज दिया था।
हर बार्डर पर अलग बूथ और पार्टनर बनाता था राहुल
पुलिस की पूछताछ में सुमित ने बताया कि राहुल ने उन्हें काम पर रखा था। इसके लिए दस हजार रुपये महीने तक देता था। कोसी बार्डर पर गुलशन ढाबा है। उन्होंने ढाबा के पास बूथ बना रखा था। इसमें राहुल के साथ जिले सिंह प्रधान का बेटा रोहित पार्टनर है। अंबाला में शंभू बार्डर पर दीप, गुरजीत, राहुल, काला, सलीम मनू काम करते हैं। इसमें कृष्ण और राहुल पार्टनर हैं। मेरठ में शोभापुर रोड पर कृष्ण, अभी और राहुल पार्टनर हैं।
एक दिन में कमाते थे आठ से नौ हजार रुपये
सुमित ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह बूथ पर पैसा इकट्ठा करते थे, जो पैसा आता था शाम को पार्टनर रकम लेते थे। राहुल के खाते में रकम जमा की जाती थी। राहुल के पकड़े जाने पर वेबसाइट बंद हो गई। इस पर उन्होंने दो नई वेबसाइट बना ली। एक दिन में एक बूथ पर आठ से नौ हजार रुपये की रसीद कट जाती हैं।
पुलिस से शिकायत पर बंद कर देते थे बूथ
आरोपी फर्जी रसीद के पीछे अपने पार्टनर का नंबर लिखते थे, जिससे पकड़े जाने पर वाहन चालक उनसे बात कर सके। बात करने पर यही कहते थे कि वह पुलिस से शिकायत नहीं करे। उसे चालान और टैक्स का पैसा वापस कर देंगे। इस पर वाहन चालक राजी हो जाता था। अगर, किसी बूथ की शिकायत कर दी जाती थी तो आरोपी बूथ बंद करके फरार हो जाते थे। अब पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।