अरुण ने उधार लिए थे 20 हजार रुपये
एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि पवन के साथ ही अमन और अरुण भी जूते की फड़ लगाते थे। पवन की बिक्री अच्छी होती थी, जबकि दोनों आरोपियों का काम सही नहीं चल रहा था। जूते की फड़ आगे लगाने को लेकर अमन और अरुण का पवन से झगड़ा भी हुआ था। दोनों पवन की जगह पर फड़ लगाना चाहते थे। मगर, पवन दोनों को आगे नहीं आने दे रहा था। इस पर अरुण का काम बंद हो गया। अमन का काम भी ठीक नहीं चल रहा था। अरुण ने काम बंद होने पर पवन से ही कर्ज लिया। उस पर तकरीबन 20 हजार रुपये का कर्जा हो गया।
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अरुण कर्ज नहीं चुका पा रहा था। पवन लोगों के सामने ही उससे तगादा करता था। यह बात अरुण को बुरी लगने लगी। वह उससे रंजिश मानने लगा। अरुण ने अमन के साथ पवन की हत्या का प्लान बनाया। कहा कि उसकी मौत के बाद उसकी जगह पर वो (अमन) फड़ लगा ले, जबकि उसका (अरुण) कर्ज माफ हो जाएगा। रविवार शाम को पवन को पार्टी के बहाने बुलाया। उसे बाइक से अपने साथ पंचगाई खेड़ा ले गए। शराब पिलाने के बाद उन्होंने पवन का ब्लेड से गला रेत दिया। लाश को झाड़ियों में फेंकने के बाद उस पर प्लास्टिक की बोरी डालकर आग लगा दी।