बुखार से पीड़ित मरीज (फाइल फोटो)
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आगरा के जैतपुर के प्रथम पुरा गांव में 5 दिन में बुखार से दो बच्चों की जान चली गई। परिजन निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे थे। वहीं, गांव में कई अन्य लोगों के बीमार होने से दहशत है। वहीं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। टीम को गांव में भेजा गया है।
प्रथम पुरा गांव के पूरन सिंह के 3 वर्षीय बेटे लवकुश को बुखार आने पर शुक्रवार को परिजन बाह में निजी चिकित्सक से दवा ली थी। हालत बिगड़ने पर पहले फतेहाबाद ले गए। बेहोश होने पर आगरा ले जाते समय उसकी सांसें थम गईं। मृतक के पिता पूरन सिंह, मां सीमा देवी ने बताया कि दो दिन में ही बुखार ने बेटा छीन लिया। भतीजी निकिता समेत कई बच्चे बीमार है। इसी गांव के सियाराम व उर्मिला देवी के 10 वर्षीय दिव्यांग बेटे को 7 दिन से बुखार था। मंगलवार को उसकी भी जान चली गई। ग्रामीणों ने बताया कि कई बच्चे और अन्य लोग बीमार हैं। इस संबंध में अधीक्षक डॉ विनय कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में भेजा है। टीम ने 41 मरीज देखे हैं। जिनमें 7 बुखार के थे। लवकुश के परिवार के दो बच्चों का जांच के लिए रक्त का नमूना लिया है।
सांस फूल रही, बुखार-खांसी से बेहाल
प्रथमपुरा गांव में बच्चों की मौत होने और बडे़ बुर्जुगों के बीमार होने से उनकी सेहत को लेकर परिजन चिंतित हैं। जगतराम बुखार-खांसी से परेशान है। मुन्नी देवी, सुदामा भी बुखार और खांसी की चपेट में है। परिजनों ने बताया कि बुखार-खांसी के साथ सांस भी फूल रही है। इलाज के बाद भी बीमारों की हालत में सुधार नहीं हो रहा है।