पुलिस ने मामले की विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम अनुराग शर्मा के न्यायालय में सुनवाई हुई। शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अवधेश भारद्वाज एवं वादी के अधिवक्ता मोहम्मद इब्राहिम ने की।
न्यायाधीश ने उपलब्ध साक्ष्य एवं बयानों के आधार पर दोषी धर्मेंद्र एवं राजेश को 366 में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास,2 5-25 हजार का अर्थदंड, 376 डी के मामले में दोनों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 50-50 हजार का अर्थदंड, धारा 342 के मामले में एक-एक वर्ष कारावास की सजा एवं एक-एक हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।