शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़े में नया खुलासा हुआ है। एक यूनिक आईडी नंबर पर दो शस्त्र लाइसेंस मिले हैं। इस मामले में डीएम ने केस दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही सभी लाइसेंस के यूनिक नंबर का सत्यापन कराने के लिए कहा गया है।
आगरा कलेक्ट्रेट स्थित आयुध कार्यालय में शस्त्र लाइसेंस के यूनिक आईडी नंबर में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद मंगलवार को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने केस दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। जांच में प्रथम दृष्ट्या असलहा बाबू की लापरवाही भी सामने आई है। उधमपुर जम्मू और पंजाब के दो फौजियों के लाइसेंस में फर्जीवाड़ा हुआ है।
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झंझुनू, राजस्थान के छपरा गांव के सेना के हवलदार ओम प्रकाश सिंह का शस्त्र लाइसेंस 7 अगस्त 2010 को ऊधमपुर, जम्मू से बना था। इसका यूनिक आईडी नंबर 2950200034518182018 था। सेना से रिटायर होने के बाद मई 2025 में लाइसेंस नवीनीकरण कराया तो पता चला कि यह यूनिक नंबर पंजाब के गुरुदासपुर निवासी अर्जन सिंह के नाम दर्ज है। झुंझुनू प्रशासन ने आगरा से यूनिक नंबर आईडी बदलने की बात कही। संगरपुर, पंजाब के फौजी रेशम सिंह के लाइसेंस में भी ऐसी गड़बड़ी मिली। इस तरह के दो प्रकरण सामने आने के बाद डीएम ने यूनिक नंबर फर्जीवाड़े में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश एडीएम प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी को दिए हैं।
डीएम ने बताया कि दो लाइसेंस में फर्जीवाड़े की आशंका पर मुकदमा दर्ज कराया है। प्रथम दृष्ट्या असलहा बाबू की लापरवाही सामने आई है। जांच के बाद असलहा बाबू के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गुरुदासपुर, झुंझुनू और उधमपुर के डीएम से शस्त्र लाइसेंस की जांच के लिए पत्र भेजा है। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस जांच करेगी। उधर, फर्जी शस्त्र लाइसेंस जारी होने के बाद मामले में एसटीएफ पहले से ही एक मामले की जांच कर रही है।