रहनकलां व रायपुर में प्रस्तावित इंटीग्रेटिड मैन्यूफैक्चिरंग क्लस्टर (आईएमसी) को लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए 116 करोड़ रुपये से कनेक्टिंग रोड बनेगी। 100 मीटर चौड़ी यह रोड करीब तीन किमी. लंबी होगी। यह निर्णय मंगलवार को मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में हुआ।
उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) रहकलां में 1,058 एकड़ जमीन पर आईएमसी विकसित करेगा। यूपीसीडा को जमीन मिल चुकी है। अब इसे विकसित करने के लिए कवायद तेज हो गई है। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना अमृतसर-कलकत्ता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ने वाले आईएमसी को लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। यहां से इसे नोएडा एक्सप्रेस-वे से लिंक किया जाएगा।
मुख्य सचिव मनोज सिंह ने मंगलवार को समीक्षा की। यूपीसीडा ने कनेक्टिंग रोड का प्रस्ताव रखा, जिसे मुख्य सचिव ने स्वीकृत कराते हुए जल्द बजट आवंटन की बात कही। इसके साथ ही आईएमसी में 220 केवीए का विद्युत उपकेंद्र बनेगा।
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी के अनुसार आईएमसी में करीब 4,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। यहां प्रदूषण रहित उद्योगों की स्थापना और विस्तार होगा। सड़क, रेल और हवाई मार्ग से आईएमसी को जोड़ा जाएगा। यूपीसीडा के एसीईओ चर्चित गौड़ ने बताया कि आईएमसी पर स्थित पेड़ों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने जवाब दाखिल कर दिया है। अगली सुनवाई पर राहत मिलने के आसार हैं। सुप्रीम कोर्ट से पेड़ों के संबंध में स्थिति स्पष्ट होने के बाद आईएमसी को विकसित करने का कार्य शुरू हो जाएगा।