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UP: आगरा की हवा में जहर घोल रहे ढाई लाख वाहन, 15 साल से पुराने...हो चुके हैं कबाड़; फिर भी दौड़ रहे

Mon, 02 Jun 2025 09:05 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा की हवा में ढाई लाख कबाड़ हो चुके वाहन जहर घोल रहे हैं। इनके संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है। हालांकि इनके लिए बनाया गया स्क्रैप सेंटर भी काम नहीं आया।

 
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आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में आने वाले शहर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। मगर कबाड़ हो चुके करीब ढाई लाख वाहनों से वायुमंडल में फैलने वाला जहरीला धुआं कम नहीं हो सका है। साढ़े सात साल से कागजी कवायद जारी हैं।
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आगरा में 15 और इससे अधिक पुराने वाहनों के संचालन पर रोक है। वर्ष 2018 से संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में कबाड़ हो चुके ऐसे वाहनों को स्क्रैप सेंटर भेजकर कटवाने के आदेश हुए। सीरीज के मुताबिक वाहनों को कबाड़ घोषित किया गया। 2018 से 2025 ढाई लाख से ज्यादा वाहनों को कबाड़ यानी आगरा की सड़कों पर नहीं चलने योग्य घोषित किया गया।

 

इसके साथ ही प्रदेश के अन्य 32 जनपदों में पंजीकरण कराने का नियम बनाकर एक तरह से नियम को बेदम कर दिया। इसके बाद भी दो लाख से ज्यादा वाहन कबाड़ हो गए। लेकिन स्क्रैप सेंटर में इक्का दुक्का ही वाहन कटने पहुंचे। यही कबाड़ वाहन शहर में दौड़ रहे हैं।

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स्मार्ट सिटी के कमांड कंट्रोल सेंटर के हाईटेक कैमरों से अकसर ही कबाड़ वाहन की बाबत सूचनाएं आरटीओ भेजी जाती हैं, लेकिन आरोप है कि इन वाहनों को आरटीओ के अधिकारी नहीं पकड़ते हैं। आरटीओ अफसरों का तर्क है कि इन वाहनों को थानों में रखने से पुलिस इन्कार कर देती है। ऐसे में इन्हें स्क्रैप सेंटर तक भेजने की व्यवस्था भी नहीं है। तकरीबन दो लाख वाहन अब भी शहर की हवा में जहरीला धुआं छोड़कर वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन एनसी शर्मा का कहना है कि पुराने वाहनों को समय-समय पर अप्रयोज्य घोषित करने की प्रक्रिया जारी है। ऐसे वाहनों को चेकिंग टीमें जब्त करती हैं।

 

आरटीओ के रिकाॅर्ड से नहीं हटे 5000 लोडिंग टेंपो
भले ही आरटीओ कबाड़ वाहनों के संचालन पर रोक का दावा करता हो, लेकिन आरटीओ के वाहन एप पर निरस्त किए जा चुके 5142 लोडिंग थ्री व्हीलर अभी भी अस्तित्व में दिखाई दे रहे हैं। कबाड़ वाहनों का ब्योरा भी नहीं हटाया जा रहा है।

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पांच साल में बढ़े 15 हजार ई-वाहन
स्कूटर-बाइक- 8830
मोपेड- 74
मोटर -कार- 583
मोटोराइज्ड साइकिल- 1430
अपंजीकृत ई व्हीकल- 5 हजार से अधिक
(ई-वाहन में 0.25 किलोवाट तक की बैटरी होने पर पंजीयन आवश्यक नहीं है)

 

करीब पांच लाख वाहन बढ़े
आरटीओ में दर्ज वाहनों के ब्योरे को देखें तो एक मई 2020 से 31 मई 2025 पंजीकृत वाहनों की संख्या 4,39,612 है। वहीं 38,836 व्यावसायिक वाहन भी पंजीकृत हुए हैं। एआरटीओ प्रशासन एनसी शर्मा का कहना है कि पंजीकृत वाहनों में प्रतिमाह 200 से अधिक वाहन ट्रांसफर होते हैं। इसके अलावा एक विशेष श्रेणी के ई-वाहनों का पंजीयन भी नहीं किया जाता है। इस तरह पांच साल के भीतर पांच लाख वाहन बढ़ चुके हैं।

 
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यह वाहन हैं पंजीकृत
कुल वाहन- 12,70,273
व्यावसायिक वाहन- 76,799

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