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ग्रहों की दशा है खराब: राशि के अनुसार ये पेड़-पौधे घर में लगाएं, कुंडली के दोष हो सकते हैं दूर

Sun, 04 Jun 2023 01:47 PM IST
धीरेन्द्र सिंह ममता त्रिपाठी, आगरा

सार

पेड़-पौधे ग्रह-राशियों एवं नक्षत्रों की चाल आपके लिए अनुकूल कर सकते हैं। ज्योतिष के अनुसार हमारे धर्मग्रंथों में पेड़ों को लगाने के साथ उनकी पूजा का भी विधान है। गुरु को बल देने के लिए केले, शनि के लिए पीपल की पूजा की जाती है।
 
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पौधे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पेड़ हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं, ये सभी जानते हैं। क्या आप जानते हैं कि पौधे लगाने से हमारे ग्रहों की चाल भी सुधर सकती है? वन विभाग भी अब यह कह रहा है। विभाग की ओर से कई पत्रक छपवाकर लोगों को इससे जुड़े पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हवाला दिया गया है कि ऐसी मान्यता है कि ये पौधे हमारे ग्रह और नक्षत्र को अनुकूल परिणाम देते हैं।
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पं. सुभाष चंद्र शास्त्री के मुताबिक स्कंद पुराण में हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम साथ तरह के पौधे पीपल, नीम, बरगद, इमली, कैथा, बेल, आंवला और आम जरूर लगाने चाहिए। विकास की अंधी दौड़ में हमने सबसे ज्यादा बलि पेड़ों की दी है। कोविड काल में लोगों को इसका महत्व समझ में आया था। ज्योतिष शास्त्री पूनम वार्ष्णेय बताती हैं कि हमारे धर्मग्रंथों में पेड़ों को लगाने के साथ उनकी पूजा का भी विधान है। गुरु को बल देने के लिए केले, शनि के लिए पीपल की पूजा की जाती है। वट वृक्ष में तो ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का वास होता है।

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लगा सकते हैं सप्तऋषि वन

नक्षत्र समूह में प्रमुख सात भारतीय ऋषि कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, जमदग्नि, विश्वामित्र, वशिष्ठ और गौतम से संबंधित पौधों से मिलकर सप्तऋषि वन बनते हैं। ये पौधे तुलसी, अगस्त्य, चिडचिडा, दूब, बेल, शमी और धतूरा हैं।

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नवग्रह वाटिका भी करती है कमाल

सूर्य ग्रह के लिए मदार (आक), सोम के लिए पलाश (ढाक), मंगल के लिए खैर, बुध के लिए अपामार्ग (लटजीरा), गुरु के लिए पीपल, शुक्र के लिए गूलर, शनि के लिए शमी, राहु के लिए दूब और केतु के लिए कुश निर्धारित है। नवग्रह वाटिका भी कमाल करती है।

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नक्षत्र वाटिका से सुधारें नक्षत्रों की चाल

आप नक्षत्र वाटिका भी लगवा सकते हैं। इसमें 27 नक्षत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले पेड़ों को एक वृत (सर्किल) में लगाया जाता है। ये नक्षत्र अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आद्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मेघा, पू. फाल्गुनी, उ. फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूला, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रावण, धनिष्ठा, शतमिषक, पू.भाद्रपद, उ.भाद्रपद और रेवती हैं। इन नक्षत्रों के लिए क्रमश: कुचिला, आंवला, गूलर, जामुन, खैर, काला तेंदू, बांस, पीपल, नागकेसर, बरगद, ढाक, पाकड़, रीठा, बेल, अर्जुन, कटाई, मौलश्री, चीड़, साल, जलवेतर, कटहल, मदार, छयोकर, कदंब, आम, नीम और महुआ के पेड़ लगाए जाने चाहिए।

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हर राशि के लिए निर्धारित हैं पौधे

मेष- आंवला, कुचला, गूलर
वृषभ- जामुन, रैर, गूलर
मिथुन- खैर, अगार, बांस
कर्क- बांस, पीपल, नागकेसर
सिंह- पिलखन, पलाश, बरगद
कन्या- बेल, पिलखन, जूही
तुला- बेल, अर्जुन, नागकेसर
वृश्चिक- सेमल, साल, नागकेसर
धनु- साल, कटहल, रोतांग, पाम
मकर- कटहल, नदीर, शमी
कुंभ- कदंब, आम, शमी
मीन- नीम, आम, महुआ
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