मैनपुरी। एकीकृत नगर विकास योजना के तहत लगभग तीन दशक पहले बसाए गए ट्रांसपोर्ट नगर का नक्शा और आवंटन अभिलेख ही नगर पालिका से गायब हो गए। उद्योग बंधु की बैठक में व्यापारियों ने ट्रांसपोर्ट नगर में हेरफेर की शिकायत की थी। इस पर उपजिलाधिकारी सदर बुधवार को प्राथमिक जांच करने पहुंचे। इसमें ट्रांसपोर्ट नगर में भूमि आवंटन के साथ ही विक्रय आदि में भी फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके कागजात भी नगर पालिका से गायब हैं। एसडीएम ने अब इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
वर्ष 1991 में तत्कालीन जिलाधिकारी रोहित नंदन ने ग्राम पंचायत की जमीन पर एकीकृत नगर विकास योजना के तहत ट्रांसपोर्ट नगर बसाया था। विश्व बैंक से मिली धनराशि से यहां सड़कों व अन्य सुविधाओं के साथ ही दुकानों और अन्य कार्यों के लिए भूभाग व निर्माण कार्य कराए थे। ये निर्माण कार्य नियमानुसार किराये पर लोगों को आवंटित किए जाने थे। लेकिन ये किसे आवंटित हुए और किस कार्य के लिए हुए इसकी कोई जानकारी नहीं है। नगर पालिका से ट्रांसपोर्ट नगर का नक्शा व आवंटन संबंधी सभी अभिलेख गायब हैं।
हाल ही में उद्योग बंधु की बैठक में ट्रांसपोर्ट नगर को दोबारा विकसित करने की मांग उठी थी। इसी दौरान व्यापारियों ने वहां किए गए खेल की शिकायत की। इस पर उपजिलाधिकारी सदर ऋषिराज ने काम शुरू किया तो मामला खुले। प्राथमिक जांच में सामने आया कि सभी अभिलेख नगर पालिका से गायब हो चुके हैं। ऐसे में धड़ल्ले से ट्रांसपोर्ट नगर की पूरी योजना को नुकसान पहुंचाया गया।
व्यावसायिक भवनों को लोगों ने आवासीय में परिवर्तित कर लिया है। कुछ ने दूसरों को दे दिए। पार्कों में भी अवैध निर्माण हो गए। अब एसडीएम सदर ने विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता पीके दीक्षित को मौके पर जाकर मूल स्थिति की जांच कर चिह्नांकन करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद जल्द ही कार्रवाई शुरू होगी।
आगरा से लेकर लखनऊ तक भेजे गए पत्र
मामला संज्ञान में आने के बाद उप जिलाधिकारी सदर ऋषिराज की ओर से नक्शा व अन्य अभिलेखों के संबंध में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट लखनऊ और संयुक्त नियोजन विभाग आगरा को भी पत्र भेजा गया है। लेकिन दोनों ही विभागों ने वहां भी कोई अभिलेख उपलब्ध न होने की बात कही।
विक्रय करने का नहीं है अधिकार
नियमानुसार ट्रांसपोर्ट नगर में जो भूखंड या निर्माण के बाद भवन आवंटित हुए थे वे किराये पर थे। ऐसे में उनमें तोड़फोड़ करने या विक्रय करने का अधिकार संबंधित व्यक्ति को नहीं है। लेकिन वर्तमान में भवनों में बदलाव कर दिया गया है। दुकानें व अन्य भूखंडों का विक्रय कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले को छिपाने के लिए ही आवंटन अभिलेख और नक्शा भी गायब किया गया है।
जांच करने पहुंचे अवर अभियंता
उप जिलाधिकारी के आदेश पर बृहस्पतिवार को अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र पीके दीक्षित ट्रांसपोर्ट नगर में जांच करने पहुंचे। उन्होंने यहां वर्तमान में भूभाग पर काबिज लोगों से जानकारी जुटाई। उन्होंने काबिज लोगों से आवंटन संबंधी अभिलेख भी दिखाने के लिए कहा, लेकिन कोई भी अभिलेख नहीं दिखा सका। जांच के बाद वे उप जिलाधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराएंगे।
ट्रांसपोर्ट नगर को विकसित करने के लिए काम शुरू किया था। इसी दौरान पता चला कि नगर पालिका से यहां का नक्शा और आवंटन अभिलेख गायब हो चुके हैं। मौके पर भी भूखंड और निर्माण कार्यों में फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिराज, एसडीएम सदर।