आगरा के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी के घर में घुसकर लूट के बाद हथौड़ा मारकर हत्या करने के आरोपियों से पुलिस लूट का माल बरामद नहीं कर सकी। बरामद हथौड़े की जांच भी विधि विज्ञान प्रयोगशाला से नहीं कराई। इस पर एडीजे-1 राजेंद्र सिंह ने ठोस साक्ष्य के अभाव में आरोपी महावीर सिंह, आकाश और विकास को बरी करने के आदेश दिए।
थाना सिकंदरा में दर्ज केस के अनुसार, गुरु तेग बहादुर कॉलोनी निवासी गुरमीत कौर ने 27 अगस्त 2010 को तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उनके पति महेंद्र सिंह ट्रांसपोर्ट व्यवसायी थे। वह अपने हाथ में सोने का कड़ा और अंगूठी पहनते थे। 17 मई 2010 को वह बच्चों के साथ अपने गांव अघोई थाना बराड़ा, जिला अंबाला गई थीं।
घर में घुसकर 21 मई 2010 की रात उनके पति की किसी ने हत्या कर दी। 22 मई को उन्हें सूचना मिली। उन्होंने शक के आधार पर सोने का कड़ा, अंगूठी और मोबाइल लूटने के लिए सिर में हथौड़ा मारकर पति की हत्या करने का केस दर्ज कराया। थाना सिकंदरा क्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी महावीर सिंह, आकाश और फरह निवासी विकास को नामजद किया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार के उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथौड़ा बरामद किया। उसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला नहीं भेजा। मृतक का सोने का कड़ा और अंगूठी बरामद नहीं कर सकी।