प्राइवेट फिटनेस सेंटरों पर धांधली के आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले आरटीओ को ज्ञापन सौंपा गया। व्यापारियों ने आरटीओ से सरकारी फिटनेस सेंटर बंद नहीं करने की मांग की।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग में समस्याओं और निजी फिटनेस सेंटरों में धांधली का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष गिर्राज अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) अरुण कुमार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
व्यापारियों ने आरटीओ से सरकारी फिटनेस सेंटर बंद नहीं करने की मांग की। कहा कि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने हर जिले में तीन फिटनेस सेंटर खोलने के निर्देश दिए हैं। यहां एक ही निजी फिटनेस सेंटर संचालित है, जहां धांधली और मनमानी हो रही है। उन्होंने सभी फिटनेस केंद्रों की नियमित निगरानी के लिए एक हेल्पलाइन नंबर या पोर्टल शुरू हो, जहां वाहन स्वामी भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करा सकें।
मशीन खरीदने के लिए चाहिए 2 करोड़ रुपये
आरटीओ अरुण कुमार ने व्यापारियों को बताया कि आगरा में आठ करोड़ की लागत से फिटनेस सेंटर का ढांचा तैयार है। 2 करोड़ रुपये की मशीनें आएंगी। सरकार यह उपलब्ध करा दे तो फिटनेस कार्य सुचारू हो जाएगा। इससे निजी केंद्रों की मनमानी पर लगाम लगेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की मांगों को प्राथमिकता के साथ मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार गुरनानी, दीपक शर्मा, अनुराग गोयल, राजेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, निखिल मतलानी, रामकुमार गोयल, किशोर बुधरानी आदि मौजूद रहे।