उनके छोटे भाई मनीष उपाध्याय निवासी भिलाई, छत्तीसगढ़ और बहनोई विक्रम चंद दुबे निवासी हजारीबाग, झारखंड ने कोतवाली पहुंचकर प्रथम दृष्टया भाई व साला होना स्वीकारा। बस अड्डे के अलावा पोस्टमार्टम हाउस में भी दोनों गए। दोनों ने स्वीकारा कि शैलेश उपाध्याय हैं, पर उनके बेटे के आने का इंतजार किया जा रहा है।
कोतवाल विजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया तो भाई मनीष उपाध्याय और बहनोई विक्रम चंद दुबे ने शिनाख्त कर ली है। बावजूद दोनों बेटे आने के बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा। कोतवाल ने बताया कि बस स्टेशन प्रभारी प्रेम सिंह की तहरीर पर चालक तेजवीर और परिचालक सुरेश के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व ज्वलनशील पदार्थ ले जाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
डॉक्टरों का पैनल करेगा पोस्टमार्टम
पिता के जिंदा जलकर मरने की जानकारी मिलते ही बेटे शशांक और सौरभ भिलाई से चल दिए हैं। दोनों बुधवार को मथुरा पहुंचेंगे। इसके बाद ही पुलिस पोस्टमार्टम कराएगी। सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि डॉक्टर के पैनल और वीडियोग्राफी के मध्य पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
लाखों रुपये का सामान और मोबाइल जलकर राख
पुराने बस अड्डे पर बस में लगी आग से सवारियों का लाखों रुपये का सामान और मोबाइल जलकर राख हो गए। बस में मची अफरा-तफरी से मोबाइल गिर गए और जान बचाने के चलते सवारियों ने सामान भी नहीं ले जा सके।