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सदन में गूंजा, ‘टोरंट गो बैक’

Sun, 07 Jun 2015 01:58 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
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शनिवार को नगर निगम के 19वें अधिवेशन की बैठक में टोरंट का मुद्दा गरमाया। पिछली बैठक के कार्यवृत की पुष्टि के बाद भाजपा पार्षदों ने टोरंट पर नियम विरुद्ध खोदाई का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अंडरग्राउंड केबिलिंग के लिए कंपनी संकरी गलियों को भी खोद रही है। गलियों में हाल ही में खरंजा या फिर डामरीकरण किया जाता है, उसे भी निगम का अनापत्ति प्रमाण पत्र दिखाकर खोद देते हैं। पार्षदों ने केबिल जमीन में गहरी न डाले जाने पर भी आपत्ति जताई। इस आपत्ति पर सपा पार्षदों ने भी समर्थन दिया। सपा पार्षदों ने टोरंट अधिकारियों को जवाब देने के लिए सदन में बुलाने की मांग की। नगर आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि शासन की बिना अनुमति के किसी दूसरे विभाग या संस्था के अधिकारी को सदन में नहीं बुलाया जा सकता। इस पर सभी दलों के पार्षद भड़क गए और नगर आयुक्त को घेर लिया। उन्होंने कहा कि टोरंट के अधिकारी यहां नहीं आ सकते तो उन्हें शहर से भगा देना चाहिए। उन्होंने ‘टोरंट गो बैक’ के नारे लगाए। लगभग 15 मिनट तक सदन हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी। हंगामे के बाद नगर आयुक्त ने कहा कि टोरंट के अधिकारियों को जवाबदेही के लिए सदन में बुलाने की शासन से अनुमति मांगेंगे।
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दोपहर 12 बजे शुरू हुई सदन की कार्यवाही में अपराह्न लगभग तीन बजे तक टोरंट का मुद्दा ही  गूंजता रहा। इसके बाद सदन में जलापूर्ति का मुद्दा उठा। इस पर भी पार्षदों ने जलकल की महाप्रबंधक को घेरा। नगर आयुक्त ने भी महाप्रबंधक से जल संकट की शिकायत के लिए विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के फोन न उठने की बात कही। सदन में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। समय के अभाव में महापौर इंद्रजीत सिंह आर्य ने प्रश्नकाल में सभी प्रश्नों के न उठ पाने और प्रस्तावों पर चर्चा न हो पाने की स्थिति में सदन अगली तिथि तक के लिए स्थगित कर दिया। इस दौरान अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार, पार्षद कुंदनिका शर्मा, मुकेश यादव, हेमंत प्रजापति, कर्मवीर भारती आदि मौजूद थे।

एक साफ नाले का नाम नहीं बता पाए अधिकारी
सदन में पार्षद रवि माथुर ने बरसात से पहले नाला सफाई का मुद्दा उठाया। नगर आयुक्त ने प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि 21 में से अब तक 16 नालों की तली झाड़ सफाई हो चुकी है। 300 छोटे नालों में से 200 को साफ किया जा चुका है। पार्षद ने नगर आयुक्त से पूछा कि इनमें से वह ऐसे किसी एक नाले का नाम बता दें, जिसकी निगम ने तली झाड़ सफाई की हो। इस पर नगर आयुक्त ने चुप्पी साधते हुए पर्यावरण अधिकारी राजीव राठी को आगे कर दिया। राठी ने नालों की सफाई की रिपोर्ट पेश की। मगर, पार्षद इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि उन्हें अभियान की जानकारी नहीं चाहिए। वह सिर्फ एक ऐसे नाले का नाम जानना चाहते हैं, जिसे निगम ने पूरा साफ किया हो। इस पर राजीव राठी भी मुंह फेरते हुए अपनी जगह बैठ गए।
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भाजपा समर्थित हैं महापौर : सपा
सदन में प्रश्नकाल के दौरान जिन पार्षदों ने अपने सवाल लगाए थे, संबंधित अधिकारी उसका जवाब दे रहे थे। जब नालों की सफाई का सवाल आया तो सपा पार्षद डा. साक्षी बैजल ने भी अतिक्रमण को लेकर सवाल उठाया। महापौर ने उन्हें बैठने के लिए कहा। मगर, पार्षद अपने सवाल लेकर अड़े हुए थे। इस बीच महापौर ने उनसे कई बार बैठने के लिए कहा। इस पर पार्षद डा. साक्षी बैजल के साथ अन्य पार्षद भड़क गए। सभी अपने जगह से उठकर महापौर की डाइस के सामने आकर खड़े हो गए। उन्होंने पार्षदों के सवाल उठाए जाने पर महापौर की आपत्ति पर खूब हंगामा किया। 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इधर, सपा पार्षद डा. साक्षी बैजल ने महापौर पर पक्षपात का आरोप लगाया। कहा कि महापौर भाजपा पार्षदों के समर्थक हैं। भाजपा से उनका मोह कम नहीं हो रहा।

एक सुर में दिखे पार्षद
शनिवार को नगर निगम सदन की कार्यवाही के दौरान कई मुद्दे उठे। टोरंट, जलसंकट, नाला सफाई, इन सभी मद्दों पर सभी दलों के पार्षद एकजुट दिखे। इन सभी मुद्दों पर सभी ने एक सुर में दिखे। हमेशा एक-दूसरे की टांग खिंचाई करने वाले विरोधी दलों के पार्षद भी एक साथ दिखाई दिए। कार्यवाही के दौरान पता ही नहीं चल पा रहा था कि कौन पक्ष में हैं और विपक्ष में। यहां तक कि प्रदेश सरकार समर्थित सपा पार्षद भी शासन की गलत नितियों के खिलाफ भाजपा पार्षदों का साथ देते दिखे।
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