पढ़ाई में भाई-बहन और दोस्त से ही प्रतिस्पर्द्धा हो जाए तो उससे अच्छा कुछ हो नहीं सकता। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में इसकी मिसाल भी सामने आई है। इंटरमीडिएट के टॉपर गौरव धाकरे का भाई राजन धाकरे से और हाईस्कूल की टॉपर अवंतिका का बड़ी बहन निष्ठा से ही एक तरह का मुकाबला रहा।
गौरव धाकरे और राजन धाकरे ने एक ही स्कूल में और एक कक्षा में साथ-साथ पढ़ाई की। गौरव आईपीएस, तो राजन आईएएस बनना चाहते हैं। दोनों साथ करीब 11 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे। गौरव को 96.20 तो राजन को 93.4 फीसदी अंक मिले। यही नहीं गौरव के चचेरे भाइयों में आकाश धाकरे ने 94.6, सूरज ने 93.6 और शनि ने 92 फीसदी अंक हासिल किए। गौरव के पिता उदय सिंह धाकरे ने बताया उनके सात भाई हैं, परिवार एक है। बच्चों को पढ़ाई का माहौल दिया गया है, इनको घर के कामकाज में नहीं लगाया जाता।
हाईस्कूल की टॉपर अवंतिका की बड़ी बहन निष्ठा ने भी दसवां स्थान जिले में प्राप्त किया है। अमर उजाला की टीम परिणाम आने के बाद उनके घर पहुंची तो दोनों बैडमिंटन खेल रही थीं। दोनों बहनें एक ही स्कूल में पढ़ती हैं। घर में पढ़ाई के लिए दोनों में प्रतिस्पर्द्धा रहती है। हाईस्कूल में 94.50 फीसदी अंक के साथ जिले में दूसरे स्थान पर रहे कौशल शर्मा की बहन शिवानी शर्मा ने इसी वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा में 93.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।