कासगंज। ऐरोमेटिक काडोंमम टिंचर की अवैध बिक्री के मामले में जांच शुरू हो गई है। डीएम के निर्देश पर एडीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर से रिपोर्ट मांगी है। ड्रग इंस्पेक्टर पर लगे संलिप्तता के आरोप के बिंदु पर भी सवाल पूछे हैं। हालांकि ड्रग इंस्पेक्टर ने संलिप्तता से पूरी तरह पल्ला झाड़ दिया है।
सदर विधायक देवेंद्र राजपूत ने सहावर गेट इलाके से ड्रग इंस्पेक्टर के ड्राइवर शैलेंद्र कुमार और उसके एक साथी को अवैध रूप से टिंचर बेचते पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था। हांलाकि पुलिस ने मामला कार्यक्षेत्र से बाहर मानते हुए जांच औषधि विभाग को दे दी। इस बीच औषधि निरीक्षक रमेश यादव पर ही विधायक ने टिंचर बिक्री कराने का आरोप लगाया।
विधायक ने शासन और प्रशासन को इसका शिकायती पत्र भेजा। डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर एडीएम अजय कुमार ने मामले की जांच शुरू की है। ड्रग इंस्पेक्टर से कई बिंदुओं पर सवाल पूछे। ड्रग इंस्पेक्टर ने ड्राइवर शैलेंद्र और उसके साथी बृजेश द्वारा किए जा रहे अवैध रूप से टिंचर बिक्री मामले में स्वयं संलिप्तता से पल्ला झाड़ दिया है।
औषधि विभाग ने टिंचर के लिए नमूने
औषधि विभाग ने बरामद हुए टिंचर के नमूने ले लिए हैं। यह नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। इसके अलावा औषधि निरीक्षक इन सभी टिंचर को सीज करने की अनुमति मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से लेगा और परिवाद अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्यालय में दायर करेगा। फिलहाल पकड़े गए दोनों आरोपियों को मुचलके पर छोड़ा गया है।
अलीगढ़, आगरा से लाते थे टिंचर
पकड़े गए आरोपियों ने ड्रग इंस्पेक्टर के सामने कुबूला है कि वे टिंचर आगरा और अलीगढ़ से लाते थे और पैसे के लिए नशीले पदार्थ के रूप में टिंचर की बिक्री करते थे। टिंचर में शराब के सापेक्ष एल्कोहॉल काफी अधिक होता है। अब यह भी जांच हो रही है कि बिना लाइसेंस के आगरा, अलीगढ़ से टिंचर कैसे मिलता था।
- मामले की जांच शुरू की जा रही है। ड्रग इंस्पेक्टर से मौखिक रूप से कई बिंदुओं पर बातचीत की है। लिखित रूप से जवाब मांगा हैं। जल्द जांच पूरी करेंगेष। - अजय कुमार, एडीएम।
- दोनों पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ परिवाद दायर होगा। सीजर की अनुमति न्यायालय से जल्द ली जाएगी। मामले की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।- रमेश यादव, ड्रग इंस्पेक्टर।