आगरा: एसएन के डेंगू वार्ड में मरीज
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ताजनगरी में डेंगू के मरीजों की संख्या 332 हो गई है। यह बीते 10 साल का रिकॉर्ड है। इससे पहले वर्ष 2018 में डेंगू के सबसे ज्यादा 194 मरीज मिले थे। विशेषज्ञ दिवाली तक डेंगू का खतरा और बता रहे हैं। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि ताजनगरी में रविवार को डेंगू के छह नए मरीज मिलने के बाद कुल मरीज 332 हो गए हैं। पिछले 50 दिनों में 18,798 मरीजों के नमूनों की जांच की गई है। अभी तक डेंगू के यह सर्वाधिक मरीज हैं। वर्ष 2010-11 से डेंगू के रिकॉर्ड में इससे ज्यादा मरीज नहीं मिले हैं। बीते 10 साल में वर्ष 2018 में 194 मरीजों में डेंगू मिला था। तब पूरे साल 1.66 लाख लोगों के नमूनों की जांच कराई थी। राहत की बात यह है कि 228 मरीज ठीक हो चुके हैं। एक की मौत हुई है। बाकी के मरीजों का सरकारी और निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बारिश से डेंगू-मलेरिया का खतरा और बढ़ा
जिला मलेरिया अधिकारी आरके दीक्षित ने बताया कि बारिश से डेंगू और मलेरिया का खतरा और बढ़ा है। जलभराव होने से मच्छर पनपेंगे। ऐसे में दिवाली तक और खतरा है। लोग पूरी सावधानी बरतें। आसपास पानी न भरने दें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर सोएं और मच्छरदानी का उपयोग करें।
मलेरिया के मिल चुके हैं 21 मरीज
डेंगू के साथ मलेरिया का भी खतरा बना हुआ है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि बीते 50 दिनों में मलेरिया के 21 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 19 मरीज ठीक हो गए हैं। दो मरीजों का इलाज चल रहा है।
आगरा में डेंगू के छह मरीज समेत सात मरीज मिले
एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती सात मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें से आगरा के सबसे ज्यादा छह मरीज हैं। वार्ड में 11 मरीजों का इलाज चल रहा है। नौ मरीज ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिए हैं। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि छह नए मरीज मिलने से डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 332 हो गई है।
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