'दिल्ली गैंगरेप के विरोध में धरना-प्रदर्शन करने वाले, कैंडल मार्च निकालने वाले आगरा के निवासियों को यहां की बेटी का दर्द नहीं समझ में आ रहा है। मजबूरी में हमें जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र की करतूतों के विरोध में सड़क पर आना पड़ा है।' यह कहना है उन तीन छात्राओं का जो रविवार को आगरा में भारत माता की प्रतिमा के समक्ष महिलाओं की सुरक्षा और बलात्कारियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सत्ता के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही थीं।
सपा के जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव के बेटे और उसके दोस्तों द्वारा छात्रा के साथ रेप की घटना के विरोध में भाजपा ने प्रदर्शन किया। अन्य दल खामोश रहे। सपा अपना दामन बचाने में लगी रही। इन सबके बीच नगला पदी में रहने वाली तीन बहनें सत्ता से टकराने के जज्बे के साथ अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं।
सेंट जोंस और आगरा कॉलेज की छात्रा पूजा रावत, आरती और अनुराधा का कहना है कि सत्ता के नशे में चूर सपा नेताओं के बेटे सरेआम लड़कियों की अस्मत से खिलवाड़ कर रहे हैं। हम भी छात्रा हैं, घर से निकलती हैं कब क्या हो जाए पता नहीं, अब तो दोस्तों से भी भरोसा उठ गया है। कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। गिरफ्तारी से क्या होता है, क्या सत्ताधारियों के रहते पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा।
इस सवाल पर क्या आप लोगों को डर नहीं लगता? उनका का कहना था कि या तो दुराचारियों को फांसी दे दो.. या हमें दे दो...। उन्होंने हर हाल में अपनी मुहिम को आगे बढ़ाने की बात कही।
बेवजह हो रही है राजनीति
जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव का कहना है कि बेवजह राजनीति हो रही है। मैंने स्वयं अपने पुत्र को पुलिस के हवाले किया था। मामले की निपष्क्ष जांच होने दी जाए। यदि दोषी होगा तो उसे सजा मिलेगी। मेरा पुत्र से कोई लेनादेना नहीं है। यदि मैं जांच को प्रभावित करूं या कोशिश करूं तो जनता मुझसे पूछ सकती है।
गणेश के विरोधियों को मिला हथियार
जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव के खिलाफ सपा में राजनीति तेज हो गई है। समर्थक पल्ला झाड़ रहे हैं। विरोधियों को हथियार मिल गया है। कोशिश की जा रही है कि पार्टी का दामन साफ रखने के नाम पर गणेश के खिलाफ कार्रवाई हो। आलाकमान को शहर में होने वाली हर गतिविधि की जानकारी दी जा रही है।
अपना पद छोड़ें गणेश यादव
आगरा कैंट पर भाजयुमो ने जिला पंचायत अध्यक्ष का पुतला फूंका। नारेबाजी करते हुए बलात्कारी बेटे को फांसी देने की मांग की। भाजपाइयों का कहना था कि गणेश यादव को पद पर रहने का अधिकार नहीं है। पीड़िताओं को सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की है।