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अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश: ATM में लगाते थे फेविक्विक, खाली हो जाता था खाता; तरीका जान ठनक जाएगा माथा

Tue, 10 Mar 2026 09:56 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

पॉश एरिया में जिस एटीएम में गार्ड नहीं होता था, शातिर उसके बाहर खड़े हो जाते। जब कोई बुजुर्ग व्यक्ति या महिला रुपये निकालने आती दिखती तो पहले ही अंदर जाकर मशीन में कार्ड लगाने वाली जगह पर फेविक्विक लगा देते थे। इसके बाद आरोपी एटीएम से रुपये निकाल लेते थे। 
 
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा एटीएम से रुपये निकालते समय लोगों के डेबिट कार्ड बदलकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को थाना साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी एटीएम में फेविक्विक लगा देते थे जिससे रुपये निकालते समय डेबिट कार्ड फंस जाता था। फिर मदद के बहाने पिन पूछकर पीड़ित को दूसरा कार्ड थमा देते और किसी अन्य एटीएम से उसके कार्ड से पैसे निकाल लेते थे।
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आगरा निवासी बीएसएफ के अधिकारी से ठगी के मामले में जांच कर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों के 153 डेबिट कार्ड, 1.06 लाख रुपये, वारदात में प्रयुक्त कार, तीन मोबाइल और अन्य सामान बरामद किया। गिरोह का सरगना साउथ दिल्ली के थाना नेब सराय का खानपुर निवासी सोनू कुमार है।

डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि थाना सदर के शमसाबाद रोड स्थित हरिनगर काॅलोनी निवासी बीएसएफ के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट आसिफ खान ने साइबर क्राइम थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि 13 अक्तूबर 2025 की शाम घर के पास एटीएम से रुपये निकालने गए थे। मशीन में डेबिट कार्ड फंसने पर दो युवकों ने मदद के बहाने उनका डेबिट कार्ड बदल दिया था। एक सप्ताह बाद दोबारा रकम निकालने पहुंचे तो कार्ड बदले जाने की जानकारी हुई।
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बैंक जाने पर पता चला कि 16.56 लाख रुपये खाते से निकाले जा चुके हैं। पुलिस टीम ने एटीएम के सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखी और आरोपियों की तलाश शुरू की। जिन एटीएम से रुपये निकाले गए थे, उनकी भी सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग देखी गई। आरोपियों के बारे में सुराग मिलने पर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए गए।

सोमवार रात पुलिस को आरोपियों के वारदात की फिराक में आने की जानकारी मिली। फतेहाबाद टोल प्लाजा के पास पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह के सरगना सोनू कुमार, मेरठ के गंगानगर थाना के गांव अमेड़ा निवासी वैभव गोयल और मुजफ्फर नगर के थाना मंसूरपुर के गांव पुरा बुढ़ाना निवासी आकाश त्यागी को गिरफ्तार कर लिया।

सोनू कुमार पर गाजियाबाद, दिल्ली और राजस्थान के विभिन्न थानों में 11 मामले दर्ज हैं। वहीं, वैभव गोयल पर आगरा और हापुड़ में दो मामले दर्ज हैं। आरोपी आगरा के अलावा फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, लखनऊ, कानपुर नगर, नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली समेत अन्य राज्यों में लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं।

 
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बिना गार्ड वाले एटीएम को बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सोनू गैंग का सरगना है। उसने ही वैभव गोयल और आकाश त्यागी को ठगी का तरीका सिखाया था। आरोपी अलग-अलग जिलों में घूमते रहते थे। पॉश एरिया में जिस एटीएम में गार्ड नहीं होता था, उसके बाहर खड़े हो जाते। जब कोई बुजुर्ग व्यक्ति या महिला रुपये निकालने आती दिखती तो पहले ही अंदर जाकर मशीन मेें कार्ड लगाने वाली जगह पर फेविक्विक लगा देते थे। इसके बाद एटीएम में लगाते हुए कार्ड फंस जाता तो आरोपी रुपये निकालने के बहाने अंदर जाते थे। मदद के बहाने पासवर्ड पूछते और फिर डेबिट कार्ड बदलकर चले जाते थे। जब तक पीड़ित को पता चलता तब तक आरोपी किसी दूसरे एटीएम से रुपये निकाल लेते थे।

कई राज्यों में की करोड़ों की धोखाधड़ी
पुलिस ने बताया कि कि पकड़े गए आरोपी अधिकतर एक कार्ड से 10 से 30 हजार रुपये तक ही निकालते थे। इतने में पीड़ित को जानकारी हो जाती और कार्ड ब्लॉक हो जाता। रकम कम हाेने के कारण पीड़ित भी पुलिस से शिकायत नहीं करते थे। हालांकि, आगरा में असिस्टेंट कमांडेंट के खाते से 16 लाख रुपये निकले तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पता चला है कि आरोपी 10 वर्षों से यह काम कर रहे हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड व बिहार में घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। सिर्फ यूपी में ही 26 जिलों में घटनाएं कर चुके हैं।
 
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