बिना किसी सरकारी आदेश के 60 विदेशियों को ताजमहल घुमाने पर सिपाही वेदांत, दीपक और हिमांशु को बुधवार को निलंबित किया गया था। तीनों सिपाही तीन साल से अधिक समय तक पर्यटन थाने में तैनात रहे हैं। अब कार्रवाई की तलवार एसओ पर्यटन पर भी है। निलंबित सिपाहियों के साथ थाने के दो सिपाही भी थे।
मामले में एसीपी ताज सुरक्षा सैय्यद अरीब अहमद की जांच के बाद पूरा सच सामने आएगा। पूरे खेल के पीछे ट्रैवल एजेंसी के साथ सांठगांठ भी सामने आ रही है। नवंबर 2024 में तीनों को लाइन हाजिर किया गया था। उनके खिलाफ शिकायतें मिली थीं। तीनों पर्यटन थाने से हट गए थे।
मंगलवार की सुबह वे पुलिस लाइन से बिना किसी को बताए विदेशियों को ताजमहल घुमाने गए थे। उन्होंने बाकायदा अपनी एंट्री कराई थी। विदेशी वीआईपी नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें वीआईपी तरीके से ताजमहल घुमाया गया।
बताया गया है कि पूरे खेल के पीछे ट्रैवल एजेंसी से सांठगांठ है। जांच इसी बात पर चल रही है। ताजमहल ले जाने के लिए सिपाहियों से किसने कहा था? यह पता किया जा रहा है। सिपाहियों के निलंबन के बाद एसओ पर्यटन प्रीति चौधरी पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। उनके थाने के दो सिपाही भी सीसीटीवी फुटेज में देखे गए हैं।
उधर, बृहस्पतिवार को डीसीपी सिटी सहित अन्य ने नई एसओ पर्यटन के लिए महिला थाने में महिला दरोगाओं के साक्षात्कार लिए। इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना है। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि एसीपी ताज सुरक्षा को जांच दी है। इसमें सभी बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है। एसओ की भूमिका भी पता की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।