यह था मामला
11 मई को हादसा हुआ था। डौकी के गांव कछपुरा में फतेहाबाद मार्ग पर 90 की रफ्तार से दौड़ रही कार ने बस का इंतजार कर रहे गांव बांस महापत के छह स्कूली बच्चों को रौंद दिया था। हादसे में नौ साल की प्रज्ञा, आठ साल के अरविंद और उसकी बहन 14 साल की दीप्ति की मौत हो गई थी। गुंजन, नमन और लावण्या घायल हो गए थे।
पुलिस पर लगाया था लापरवाही का आरोप
बच्चों के परिवार के चंदन तोमर ने बताया कि पुलिस ने पूर्व में लापरवाही की थी। कार में सवार एक ही व्यक्ति को आरोपी बनाया, जबकि और भी लोग सवार थे। निरीक्षक ने बात को दरकिनार किया। हमें कोई आर्थिक मदद भी नहीं मिली। घायल हुई गुंजन का एम्स में कई दिन इलाज चला था।
जांच के बिंदु
1. आरोपी चालक के मेडिकल शराब पीने की पुष्टि हुई।
2. एक सीसीटीवी फुटेज में आरोपी अकेला ही कार में दिखा।
3. आरोपी ससुराल में शादी में आया था। रात में शराब पी थी। कार तेज रफ्तार में थी, झपकी आने से हादसा हुआ।
4. ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि कार में और भी लोग थे। जांच में किसी और के होने के बारे में नहीं हुई पुष्टि।
5. पुलिस ने हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों के बयान लिए।