लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। किलोमीटर 18 पर तीन कारें आपस में टकरा गईं। हादसे में कुशी नगर के रहने वाले दिनेश तिवारी और उनके बेटे निकेत की जान चली गई। दो कारों में सवार पांच लोग घायल हो गए। यूपीडा की टीम व फतेहाबाद थाने के पुलिसकर्मियों ने घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा पहुंचाया। लोगों का कहना है कि मरम्मत कार्य करा रही कंपनी की लापरवाही से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। मरम्मत के लिए रास्ता वन-वे कर दिया है। रोड पर खाली ड्रम रखे गए हैं। कहा कि कोहरे से पहले कार्य पूरा नहीं हुआ तो एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाएं बढ़ सकती हैं।
पुलिस के मुताबिक मंगलवार को दिन में करीब 11:30 बजे गोपालपुर, कुशीनगर निवासी निकेत तिवारी अपने पिता दिनेश तिवारी और बहन इशिता के साथ मथुरा से कुशीनगर कार से जा रहे थे। उनकी कार थाना फतेहाबाद क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 18 पर पहुंची तो पीछे से कार से आ रहे अनुज कुमार निवासी गांव कुतुबपुर थाना सौरिख जिला कन्नौज की कार से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि निकेत की कार डिवाइडर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई।
इसी दौरान लखनऊ की तरफ से आ रहे गौरंत कलाटी निवासी 303 कृष्णा वैली टावर ए सम्स वाली रोड, वडोदरा गुजरात की कार से भी अनुज की कार टकरा गई। हालांकि गौरंत और उनके साथ रहे लोग बच गए। तीनों कारें क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में निकेत, दिनेश, इशिता व दूसरी कार सवार अनुज और उनका दोस्त इंद्रेश गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद और यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी प्रथम राधा मोहन द्विवेदी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य किया गया।
सभी घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा भेजा। जहां इलाज के दौरान निकेत (19) और उनके पिता दिनेश तिवारी (55) की मौत हो गई। वहीं, हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए वाहनों की रफ्तार थम गई। परिजन के मुताबिक दिनेश तिवारी होडल, कोसी के एक निजी कॉलेज के डायरेक्टर थे। वहीं हादसे के बाद पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर रास्ता सुचारू कराया।