मथुरा के उमा मोटर्स के मालिक पवन चतुर्वेदी के खाते से 25 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराने में एक युवती समेत तीन जालसाज कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़े हैं, सात जालसाज अभी फरार हैं। पकड़े गए जालसाजों ने उमा मोटर्स का मालिक बनकर यह रकम बैंक से अपने खाते में ट्रांसफर करवाई थी।
एक अगस्त को बैंक मैनेजर को मोबाइल पर फोन करके 25 लाख रुपये की मोटी रकम बबलू कुमार के खाते में ट्रांसफर करवाई गई थी। इन जालसाजों ने बड़ी ही चालाकी से गूगल के माध्यम से कॉलर आईडी पर पवन चतुर्वेदी का नाम अंकित कर लिया था। उसके बाद बैंक मैनेजर को पवन चतुर्वेदी बनकर फोन किया था।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि कोतवाली प्रभारी विकास तोमर और सर्विलांस प्रभारी राकेश कुमार ने मेरठ के गांव सिंधावली निवासी तसव्वर, इंसाफ अली, मेरठ के गांव फलसौना निवासी रूबी को नए बस अड्डे से पकड़ा है। इनके पास से 1.66 लाख रुपये, दो सोने के कड़े, एक लैपटॉप, एक कार, छह मोबाइल, फर्जी कागजात आदि बरामद किए हैं। एसएसपी बबलू कुमार ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया है।
इन जालसाजों की है तलाश
गाजियाबाद के न्यू विकास नगर निवासी विनय कुमार उर्फ बबलू, अरुण, दिल्ली के हर्ष बिहार निवासी विजय कुमार, दिल्ली के बुराड़ी निवासी सहगल चाचा, बागपत निवासी मोनू, नोएडा के छलरैला निवासी बबलू और लुधियाना के रघुनाथ एंक्लेव निवासी गुरमीत हैं।