उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पेयजल आपूर्ति योजना (गंगाजल) जनपद में आने के बाद भी शहर की बड़ी आबादी को यह नसीब नहीं हो रहा। पानी सप्लाई के लिए डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क नहीं बिछाया जा सका है। 2017 में गंगाजल आने के बाद उसके वितरण के लिए जल निगम ने योजना बनाई थी।
अमृत योजना के तहत दो चरणों में शहर में वितरण के लिए एक हजार किलोमीटर क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाई गई हैं। ओवरहैड टैंक, भूमिगत जलाशय बने हैं। इसके बावजूद 5 साल बाद भी ये उपयोगी नहीं हो पाए। इस वजह से पर्याप्त गंगाजल मिलने के बाद भी शहर में लोग पानी को तरस रहे हैं।
इन इलाकों में केवल लाइन, पानी नहीं
मानस नगर, चाणक्यपुरी, मारुति एस्टेट, सुभाष नगर, सुलहकुल नगर, गोकुल नगर, बीघा नगर, गुलाब नगर, अवधपुरी, सैनिक विहार, अलबतिया सहित शाहगंज क्षेत्र में 25 से अधिक कॉलोनियों में गंगाजल के लिए पाइपलाइन बिछ चुकी हैं। दयालबाग की 34 कॉलोनियों में भी गंगाजल सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। ताजगंज, छत्ता और हरीपर्वत जोन में भी 50 से अधिक कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछी हैं, लेकिन पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी।
मार्च तक शुरू होगी सप्लाई
गंगाजल वितरण के लिए तीसरे चरण की योजना बनाई है। दो चरणों में करीब एक हजार किमी लाइन बिछाई है। ओवरहैड टैंक बन चुके हैं। मार्च में सप्लाई शुरू हो जाएगी। - रमेश चंद्रा, अधिशासी अभियंता, जल निगम
रविवार को लंगड़े की चौकी क्षेत्र में बंद रहेगी आपूर्ति
लंगड़े की चौकी हनुमान मंदिर के पास 900 एमएम व्यास की पाइपलाइन के रास्ते में आ रही दूसरी पाइपलाइन को जोड़ने के लिए रविवार को सुबह 11 से शाम 5 बजे तक पानी की आपूर्ति बंद रहेगी। निर्माण खंड प्रथम, जल निगम के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र ने बताया कि लाइन जोड़ते समय एलाइन्मेंट में आ रही पहले से बिछी पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। 10 मीटर पाइप लाइन का गैप है। इसे पूरा करने के लिए रविवार को सप्लाई का शट डाउन लिया है।