छाता क्षेत्र में हाईवे पर मंगलवार की देर रात को वेकमेट कंपनी के बाहर लगे आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम को बदमाश उखाड़कर ले गए। इस एटीएम में 37 लाख 91 हजार 200 रुपये थे जो कर्मचारियों की सैलरी के लिए मंगलवार की सुबह को ही डाले गए थे। एटीएम बूथ के आसपास किसी बड़े वाहन के पहियों के निशान मिले हैं जिसे डीसीएम टोयटा माना जा रहा है। सुबह को छह बजे जब एटीएम का गार्ड पहुंचा तो घटना की जानकारी हुई।
छाता कस्बे से करीब एक किलोमीटर दूर (दिल्ली की तरफ) हाईवे पर वेकमेट कंपनी के बाहर आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम लगा हुआ है। यह एटीएम कंपनी के कर्मचारियों के लिए ही लगवाया गया था। बुधवार की सुबह को करीब छह बजे एटीएम का गार्ड सूरज निवासी कोसीकलां यहां पहुंचा तो एटीएम बूथ पर लगा शटर तो बंद था लेकिन ताले टूटे पड़े थे।
सूरज ने शटर उठाकर भीतर देखा तो एटीएम मशीन गायब थी। उसने तत्काल इसकी सूचना कंपनी के अधिकारियों को और पुलिस को दी। इत्तला पाकर छाता पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि जिस तरह से तोड़फोड़ हुई है उससे लग रहा है कि पहले बदमाशों ने एटीएम मशीन को खोलने की कोशिश की। बाद में उसे उखाड़कर ले गए।
एटीएम बूथ के बाहर गाड़ी के पहियों के निशान मिले हैं। माना जा रहा है कि बदमाश इसी गाड़ी में एटीएम को लादकर ले गए हैं। एजीएसटीटीएल कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश तिवारी ने छाता कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।